गेवरा-दीपका/ जावेद अख्तर मंसूरी 9977200406
कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोयला खदानों में सक्रिय श्रमिक संगठन ‘कोयला मजदूर सभा’ (हिन्द मजदूर सभा) के भीतर आंतरिक कलह गहरा गई है। गेवरा-दीपका क्षेत्र एवं सी.ई.डब्ल्यू.एस. गेवरा के पदाधिकारियों और सदस्यों ने संगठन के महामंत्री श्री नाथू लाल पाण्डेय द्वारा की गई प्रभारियों की नियुक्ति को असंवैधानिक करार दिया है।
संविधान के उल्लंघन का आरोप
संगठन के स्थानीय पदाधिकारियों ने पंजीयक अधिकारी (व्यवसायिक संघ), नया रायपुर को भेजे गए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि महामंत्री श्री नाथू लाल पाण्डेय ने 8 अप्रैल 2026 को जारी पत्र के माध्यम से एस.ई.सी.एल. (SECL) के सभी क्षेत्रों के लिए प्रभारियों की नियुक्ति की है। विरोध करने वालों का कहना है कि कोयला मजदूर सभा के संविधान में ‘प्रभारी’ पद का कोई उल्लेख नहीं है। इस प्रकार यह नियुक्ति सीधे तौर पर संगठन के संविधान का उल्लंघन है।
मनमानी का आरोप
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि प्रभारियों को नियुक्त करने का अधिकार या शक्ति किसी भी स्तर पर प्रस्तावित या अनुमोदित नहीं की गई है। साथ ही, इन नियुक्तियों से पूर्व किसी भी क्षेत्रीय या शाखा समिति से कोई राय-मशविरा नहीं किया गया। पदाधिकारियों ने इसे ‘एकतरफा और अधिनायकवादी प्रवृत्ति’ करार दिया है, जो श्रमिक संगठन के आपसी सहमति के सिद्धांतों के खिलाफ है।
तत्काल निरस्त करने की मांग
कोयला मजदूर सभा के गेवरा-दीपका क्षेत्र के सदस्यों ने मांग की है कि महामंत्री द्वारा जारी इस आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए, ताकि संगठन की कार्यप्रणाली सुचारू रूप से चल सके। इस मामले की प्रतिलिपि छत्तीसगढ़ शासन के श्रम मंत्री, अध्यक्ष और महामंत्री (HKMF-HMS) को भी भेजी गई है, ताकि उच्च स्तर पर संज्ञान लिया जा सके।
गेवरा-दीपका से जावेद अख्तर मंसूरी की रिपोर्ट

