कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: SECL कुसमुंडा क्षेत्र में बोनस की मांग को लेकर ठेका कर्मियों का आक्रोश सड़कों पर नजर आया। सोमवार को सैकड़ों की संख्या में ठेका कर्मचारी कुसमुंडा जीएम कार्यालय और मानिकपुर खदान के बाहर धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की और बोनस न मिलने तक काम बहिष्कार का ऐलान किया।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि वे खदान में मेहनत करते हैं, जोखिम उठाते हैं, फिर भी उन्हें बोनस से वंचित रखा जा रहा है। उनकी मुख्य मांग है कि स्थानीय स्थायी कर्मचारियों की तरह निजी कंपनी के ठेका कर्मचारियों को भी 8.33% बोनस दिया जाए।
मानिकपुर खदान में भी काम बंद
मानिकपुर खदान में कार्यरत कलिंगा कंपनी और विनय कुमार उपाध्याय कंपनी के कर्मचारियों ने भी कार्य का बहिष्कार करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इन कर्मचारियों ने हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर अपने अधिकार की मांग की। उनका कहना है कि जब तक बोनस नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।
कर्मियों ने आरोप लगाया कि SECL प्रबंधन इस मामले में मूकदर्शक बना हुआ है, जबकि दशहरे जैसे महत्वपूर्ण त्योहार के समय बोनस नहीं मिलना उनके लिए आर्थिक और मानसिक परेशानी का कारण बन रहा है।
अन्य मांगें भी रखीं गईं
बोनस के अलावा कर्मचारियों ने ड्रेस कोड लागू करने की भी मांग की, जो भारत सरकार द्वारा निर्धारित है। उन्होंने कहा कि उन्हें भी SECL के अन्य कर्मचारियों की तरह ड्रेस कोड की सुविधा दी जानी चाहिए।
SECL को हो सकता है आर्थिक नुकसान काम बंद होने से SECL को खनन कार्य में भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। प्रबंधन की चुप्पी और मांगों की अनदेखी से आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।
