कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा जिले के लेमरू थाना क्षेत्र के लामपहाड़ मार्ग पर सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल एक ग्रामीण को समय पर इलाज नहीं मिल सका जिसके चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोप है कि हादसे के बाद करीब तीन घंटे तक घायल सड़क किनारे तड़पता रहा जबकि डायल-112 और एम्बुलेंस देर रात घटनास्थल पर पहुंची।
जानकारी के अनुसार 8 जून की शाम करीब 7 बजे ग्राम अखराडाड निवासी एक ग्रामीण बाइक से लामपहाड़ मार्ग से गुजर रहा था। इसी दौरान वह सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया। हादसे में उसके सिर पर गंभीर चोट लगी और वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। करीब आधे घंटे बाद आसपास के ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली। ग्रामीणों ने तत्काल घायल को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की लेकिन उसकी हालत बेहद गंभीर होने के कारण उसे बाइक से ले जाना संभव नहीं था। इसके बाद एक ग्रामीण ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू के प्रभारी बीडी नायक से संपर्क किया। बताया गया कि 108 एम्बुलेंस का चालक ड्यूटी समाप्त होने के बाद घर जा चुका है।
एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं होने पर ग्रामीणों ने डायल-112 को सूचना दी। आरोप है कि डायल-112 की टीम भी करीब तीन घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची। तब तक घायल ग्रामीण की मौत हो चुकी थी। हादसा शाम 7 बजे हुआ था जबकि रात करीब 10 बजे तक राहत और उपचार की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं हो सकी।
रात में बंद रहती है 108 एम्बुलेंस सेवा
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लेमरू क्षेत्र में 108 एम्बुलेंस सेवा केवल दिन के समय संचालित होती है। रात की शिफ्ट के लिए न तो चालक उपलब्ध रहता है और न ही इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी), जिसके कारण गंभीर मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती।
24 घंटे एम्बुलेंस सेवा की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि लेमरू क्षेत्र में 108 एम्बुलेंस सेवा को 24 घंटे संचालित किया जाए तथा रात की ड्यूटी के लिए चालक और ईएमटी की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य ग्रामीण को समय पर इलाज के अभाव में जान न गंवानी पड़े।
