पोंड़ी बहनपाठ और अमगाँव के भूविस्थापितों ने मुआवजे और वैकल्पिक रोजगार की मांग को लेकर प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन।

Anil Jatwar
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गेवरा/सीजी एनएन 24 न्यूज: पोंड़ी बहनपाठ और अमगाँव के भूविस्थापितों का कहना है की अधिसूचना प्रकाशन धारा 9 (i) की तुलना से यह स्पष्ट है कि सभी ग्रामों का अधिग्रहण एक समान है। जिसमें से ग्राम नराईबोध, भठोरा, भिलाई बाजार एवं रलिया के भू-विस्थापितों को कंपनी सेक्रेट्री के स्वीकृत मिनटस 326वाँ निदेशक बोर्ड मीटिंग के पत्र क्र0 2310 दिनाँक 08.08.2022 के अनुसार बढ़ी हुई मुआवजा राशि का भुगतान किया गया है। जबकि पोंड़ी बहनपाठ एवं अमगाँव के भू-विस्थापितों को उक्त मिनटस के अनुसार बढ़ी हुई मुआवजा राशि का भुगतान से वंचित किया गया है। गेवरा परियोजना विस्तार के समय गेवरा क्षेत्र के सभागार में बैठक में प्रबंधन द्वारा ग्रामीणों को अवगत कराया गया था कि छोटे खातेदारों को वैकल्पिक रोजगार ठेका कंपनी में देने का वादा किया गया था। जो अभी तक 14 वर्ष बीत जाने के बावजूद भी प्रबंधन द्वारा नहीं किया गया है। जिसे तत्काल दिया जाए।

उन्होंने प्रबंधन से आग्रह किया है कि अर्जित ग्राम नराईबोध, भठोरा, भिलाई बाजार एवं रलिया के भू-विस्थापितों की भाँति ग्राम पोंड़ी बहनपाठ एवं अमगाँव के भू-विस्थापितों को भी पात्र रोजगार के बदले 20.00 लाख एवं अपात्र रोजगार के बदले में प्रो-राटा बेसिस 01 से 25 डिस० तक भूमि के एवज में न्यून्तम 2.50 लाख 2.50 लाख कौशल विकास कुल 5.00 लाख रुपये एवं 0.25 डिस० भूमि से ऊपर जैसे 0.26 डिस0 X 10.00 लाख रुपये का भुगतान करवाने एवं उपरोक्त प्रकरणों को संज्ञान में लेते हुए तत्काल 15 दिन के अंदर कार्यवाही करते हुए वैकल्पिक रोजगार को देने को सुनिश्चित करते हुए की गई कार्यवाही से अवगत कराया, अन्यथा वे अग्रिम कार्यवाही के लिए बाध्य हो जाऐंगे जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी एस.ई.सी.एल. गेवरा क्षेत्र की होगी।

उक्त प्रदर्शन में जनपद सदस्य श्रीमती नेहा तंवर एवं सत्यनारायण सिंह, रामायण सिंह, नारायण दास, समार दास, मनोज राठौर, शुभम राठौर, निर्मल दास, चेतन दास, शिव कुमारी, भरत केवट, रामजी, सूरज कंवर, श्याम लाल सहित भू–विस्थापित एकता मंच ग्राम पोड़ी बहनपाठ आमगांव के समस्त भू विस्थापित मौजूद रहे।

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