कोरबा में तेंदुए का शिकार, नाखून, दांत और पूछ सहित कई अंग गायब 

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कोरबा में तेंदुए का शिकार, नाखून, दांत और पूछ सहित कई अंग गायब 

कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज:  कोरबा जिले के कटघोरा वनमण्डल में एक तेंदुए के शिकार का मामला सामने आया है। शिकार के बाद शिकारी उसके अंगों को काटकर ले भागे। कोरबा में पहली बार इस तरह की घटना बताई जा रही है, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी मिलने पर बिलासपुर सीसीएफ समेत वन विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच की जा रही है। तेंदुए के शिकार में स्थानीय लोगों का हाथ होने की संभावना जताई जा रही है। शिकारियों को जल्द ही पकड़ लिए जाने की बात कही जा रही है।

तेंदुए के शिकार की यह घटना कटघोरा वनमंडल के चैतमा रेंज के राहा बीट में कक्ष क्रमांक 25 की है। बुधवार को कुछ ग्रामीणों ने एक तेंदुए की लाश देखी और इसकी सूचना वन विभाग के अफसरों को दी गई। खबर मिलते ही बिलासपुर सीसीएफ प्रभात मिश्रा, कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत सहित आला अधिकारी दौड़े दौड़े मौके पर पहुंचे। शव का निरीक्षण करने पर पता चला कि शिकार के बाद उसके महत्वपूर्ण अंगों को काटकर तस्कर ले भागे हैं। तेंदुए के दांत, नाखून सहित अन्य अंग गायब हैं। वन विभाग की टीम ने वैधानिक कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार कर दिया। जिस तरह से तस्करों ने तेंदुए को अपना निशाना बनाया है इससे स्थानीय लोगों के हाथ होने की संभावना जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले ही तेंदुए ने एक किसान की तीन बकरियों का शिकार किया था। इसके बाद से ग्रामीणों में भय था। पर इस घटना के बाद भी चैतमा रेंजर दिनेश कुर्रे ने गंभीरता नहीं दिखाई और एम ही ग्रामीणों को सतर्क करने की कोई कवायद ही वन विभाग द्वारा की गई। स्थानीय अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे और यही वजह है कि लोगों में थोड़ी नाराजगी थी। इसका फायदा उठाकर तस्कर सक्रिय हो गए और उसे अपना निशाना बनाते हुए तेंदुए का शिकार कर लिया और उसके अंगों को काटकर तस्करी के लिए ले गए।


बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले ही तेंदुए ने एक किसान की तीन बकरियों का शिकार किया था। इसके बाद से ग्रामीणों में भय था। पर इस घटना के बाद भी चैतमा रेंजर दिनेश कुर्रे ने गंभीरता नहीं दिखाई और एम ही ग्रामीणों को सतर्क करने की कोई कवायद ही वन विभाग द्वारा की गई। स्थानीय अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे और यही वजह है कि लोगों में थोड़ी नाराजगी थी। इसका फायदा उठाकर तस्कर सक्रिय हो गए और उसे अपना निशाना बनाते हुए तेंदुए का शिकार कर लिया और उसके अंगों को काटकर तस्करी के लिए ले गए।

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