अंधविश्वास के चक्कर में नाबालिग की गई जान, तबीयत खराब होने पर परिजनों ने लिया झाड़-फूंक का सहारा
कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा जिले में अंधविश्वास और लापरवाही के कारण एक 15 वर्षीय किशोरी को जान गवानी पड़ गई। तबीयत खराब होने पर परिजनों ने झाड़-फूंक का सहारा लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर बन गई, गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के मुताबिक़ यह पूरा मामला श्यांग थाना क्षेत्र का है। जहां गुरमा गांव में एक 15 वर्षीय किशोरी की तबियत खराब होने पर किशोरी को अस्पताल में भर्ती कराने के बजाए परिजन गांव में बैंगा से झाड़फूंक कराते रहे, जिसके कारण उसकी सेहत बिगड़ती चली गई। तब परिजन उसे गम्भीर हालत में लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां किशोरी की मौत हो गई।
मृतिका के बड़े भाई गजानंद ने बताया कि विमला की तबीयत खराब होने के बाद वो अजीब अजीब हरकत करती थी। भूत का साया था, जिसे भगाने गांव के बैगा और बाहर से भी बैगा बुलाया गया था। झाड़फूंक कराने के बाद तबीयत में कुछ सुधार नहीं हुआ। किशोरी को इलाज के लिए जिला मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका आठ भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। जिला अस्पताल चौकी प्रभारी दाऊद कुजूर ने बताया कि पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है।
