2018 में एंकर सलमा की हत्या के बाद शव के पास बैठकर गाना गा रहा था आरोपी; 2023 में फोरलेन सड़क के नीचे मिला कंकाल, डीएनए से हुई पुष्टि
कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही सुनवाई के दौरान सलमा सुल्ताना हत्याकांड ने नया और सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। सोमवार को पेश हुई चश्मदीद गवाह (काल्पनिक नाम डिंपल सिंह) ने अदालत में जो बयान दिया, उसने पूरे कोर्ट रूम को स्तब्ध कर दिया।
गवाह के मुताबिक, अक्टूबर 2018 में गला घोंटकर हत्या करने के बाद आरोपी जिम ट्रेनर मधुर साहू शव को अपनी गोद में लिए बैठा था। उसके एक हाथ में सिगरेट थी और वह वही गीत गा रहा था “तुझसे नाराज़ नहीं जिंदगी, हैरान हूं मैं…” जो सलमा सुल्ताना का पसंदीदा था।

25 वर्षीय सलमा सुल्ताना कुसमुंडा स्थित एसईसीएल कॉलोनी की रहने वाली थीं और न्यूज फील्ड में करियर बना रही थीं। इसी दौरान उनकी नजदीकियां जिम ट्रेनर मधुर साहू से बढ़ीं और दोनों शारदा विहार में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे।
जांच में सामने आया कि मधुर के कई अन्य युवतियों से भी संबंध थे। पैसों के लेन-देन और चरित्र पर शक को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।
गवाह ने अदालत में बताया कि मधुर ने उसे भी प्रेमजाल में फंसाया था और आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर अपने अनुसार काम करवाता था।

हत्या की रात क्या हुआ?
घटना दशहरे के एक-दो दिन बाद अक्टूबर 2018 की है। घर में सलमा और मधुर के बीच तीखी बहस हुई। मधुर ने सलमा की पिटाई की और गला दबाया। बीच-बचाव के बाद भी हमला दोबारा किया गया। सहयोगी ट्रेनर कौशल श्रीवास ने तकिए से सलमा का मुंह दबाया। मधुर उसके ऊपर बैठकर गला दबाता रहा। डरी हुई गवाह और घरेलू सहायिका को धमकाकर चुप करा दिया गया।
सबूत मिटाने की कोशिश
हत्या के बाद सलमा की स्कूटी उसके घर के पास छोड़ी गई। मोबाइल से फर्जी मैसेज भेजे गए। रेलवे स्टेशन के पास मोबाइल बंद किया गया। शव को पहले एक जगह दफनाया गया, फिर स्थान बदल दिया गया आखिरकार शव को दर्री-कोरबा मार्ग स्थित भवानी मंदिर के पास दफनाया गया। बाद में उसी स्थान पर फोरलेन सड़क बन गई और शव सड़क के नीचे दब गया।
5 साल बाद ऐसे खुला राज
मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी के एक करीबी ने नशे में हत्या की बात उजागर कर दी। लेन-देन विवाद के बाद उसने पुलिस को जानकारी दी। जांच में सामने आया कि सलमा के नाम से बैंक लोन जारी था। जिसकी किस्तें जमा होती रहीं।
5 साल पुराने CDR की जांच हुई
2023 में पुलिस ने सैटेलाइट इमेजिंग, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार की मदद से खुदाई कर कंकाल बरामद किया। डीएनए जांच में पुष्टि हुई कि वह सलमा का ही था।
गिरफ्तारी और जमानत
2023 में मधुर साहू, कौशल श्रीवास और अतुल शर्मा को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, प्रारंभिक जांच में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत न कर पाने के कारण 2024-25 में आरोपियों को जमानत मिल गई।
अब विशेष लोक अभियोजक सुनील सोनवानी के अनुसार, अदालत में मजबूत साक्ष्य पेश किए जा रहे हैं और चश्मदीद गवाह की गवाही निर्णायक साबित हो सकती है।
• केस टाइमलाइन
अक्टूबर 2018 – सलमा की हत्या
2018-19 – गुमशुदगी दर्ज, कोई सुराग नहीं
2022-23 – गवाहों के बयान से हत्या का संदेह
2023 – फोरलेन सड़क के नीचे से कंकाल बरामद
2023 – आरोपियों की गिरफ्तारी
2024-25 – जमानत
2026 – अदालत में अहम गवाही