बीईओ कार्यालय का बाबू निलंबित, 40 हजार की रिश्वत लेते ACB ने रंगे हाथों पकड़ा 

By Atul Yadav - Editor
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कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज:  कोरबा जिले में पासबुक संधारण के नाम पर 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की गिरफ्त में आए विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय पोड़ी उपरोड़ा के सहायक ग्रेड-2 प्रदीप मिश्रा पर अब विभागीय कार्रवाई की गाज भी गिर गई है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर दिया है।

जानकारी के अनुसार करतला विकासखंड के ग्राम रोगदा स्थित प्राथमिक शाला में पदस्थ प्रधान पाठक अमृत लाल बघेल मई माह में सेवानिवृत्त होने वाले थे। इससे पहले वे पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड में कार्यरत थे, जहां उनके जीपीएफ खाते से संबंधित अभिलेखों और पासबुक संधारण का कार्य लंबित था। आरोप है कि इस कार्य को पूरा करने के एवज में बीईओ कार्यालय में पदस्थ बाबू प्रदीप मिश्रा ने उनसे 40 हजार रुपये की मांग की थी।

शिकायत के बाद एसीबी ने बिछाया जाल

प्रधान पाठक ने रिश्वत मांगने की शिकायत एसीबी बिलासपुर से की। शिकायत की प्रारंभिक जांच और सत्यापन के बाद एसीबी टीम ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। निर्धारित योजना के तहत टीम तुमान में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर पहुंची, जहां शिकायतकर्ता ने आरोपी बाबू को 40 हजार रुपये दिए। जैसे ही प्रदीप मिश्रा ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

विभाग ने भी दिखाई सख्ती

मामले के सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने आरोपी कर्मचारी के आचरण को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों के विपरीत माना। इसके आधार पर प्रदीप मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कटघोरा निर्धारित किया गया है। नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता भी दिया जाएगा।

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