कोरबा महापौर की कुर्सी पर मंडराया खतरा, छानबीन समिति ने निरस्त किया जाति प्रमाण पत्र
कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा नगर पालिक निगम के महापौर राजकिशोर प्रसाद के जाति प्रमाण पत्र को गहन छानबीन के पश्चात राज्य के उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति द्वारा निरस्त कर दिया गया है। नगर निगम का चुनाव होने में अभी लगभग 5 माह का वक्त है। चुनाव से पहले प्रमाण पत्र निरस्त होने के बाद अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या राजकिशोर प्रसाद आगामी 5 महीने तक महापौर रह पाएंगे?
महापौर का जाति प्रमाण पत्र आदिम जाति विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति ने निरस्त किया है। महापौर ने फोन पर बताया कि अब तक उन्हें किसी प्रकार का आदेश पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। सोशल मीडिया के माध्यम से ही उन्हें जानकारी मिली है।
जानकारी के मुताबिक कोरबा अ 6 दिसंबर 2019 को राजकिशोर प्रसाद के पक्ष में ‘कोयरी’ या ‘कोइरी’ अन्य पिछड़ा वर्ग का स्थायी सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र जारी किया गया था। यह बिहार प्रान्त में पिछड़ा वर्ग में आती है, लेकिन जारी छत्तीसगढ़ में किया गया। वहीं यह स्थानी जाति प्रमाण पत्र हरदी बाजार तहसील से जारी अस्थायी प्रमाण पत्र के आधार पर जारी किया गया था।
उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति के अनुसार इस प्रकरण में विजिलेंस सेल की रिपोर्ट, गवाहों के बयान, प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच के आधार पर धारक अपनी सामाजिक प्रास्थिति को प्रमाणित करने में असफल रहे। इसलिए महापौर का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया है।
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल ने इस निर्णय पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि राजकिशोर प्रसाद और कांग्रेस ने कोरबा की जनता के साथ छल किया है, उन्हें माफी मांगनी चाहिए। साथ ही उनके ऊपर जितनी भी राशि खर्च हुई है, उसकी रिकवरी होनी चाहिए।
