कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा जिले के पसान क्षेत्र में एक पटवारी का रिश्वत लेते वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी पटवारी को निलंबित कर दिया है। वायरल वीडियो में पटवारी अपने कार्यालय में टेबल के नीचे पैसे गिनते हुए नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि उसने एक ग्रामीण से फौती नामांतरण के एवज में 10 हजार रुपए की मांग की थी।
जानकारी के मुताबिक आरोपी पटवारी की पहचान विनोद अग्रवाल के रूप में हुई है जो पिपरिया हल्के के साथ-साथ सिरी हल्के का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहा था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों और किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी राजस्व संबंधी कार्यों के लिए खुलेआम रिश्वत की मांग करता था। किसानों के अनुसार वन पट्टा ऑनलाइन करने के लिए 5 हजार रुपए तक की वसूली की जाती थी। फौती नामांतरण के लिए 10 हजार रुपए मांगे जाते थे। बिना पैसे दिए कोई भी राजस्व कार्य नहीं किया जाता था।
ग्रामीणों का कहना है कि पटवारी जानबूझकर मामलों को लंबित रखता था और लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर कटवाता था। मजबूरी में गरीब और आदिवासी किसानों को रिश्वत देनी पड़ती थी।
रिश्वत लेते वीडियो हुआ वायरल
बताया जा रहा है कि एक ग्रामीण से लेन-देन के दौरान किसी अन्य व्यक्ति ने पटवारी का वीडियो बना लिया। वीडियो में पटवारी कार्यालय में टेबल के नीचे नोट गिनते हुए साफ दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद मामला प्रशासन तक पहुंचा।
SDM ने किया तत्काल निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए पोड़ी उपरोड़ा एसडीएम मनोज कुमार बंजारे ने तत्काल प्रभाव से पटवारी विनोद अग्रवाल को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उसका मुख्यालय पसान तहसील कार्यालय निर्धारित किया गया है।
घटना के बाद क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि शासन द्वारा चलाए जा रहे ‘सुशासन तिहार’ जैसे अभियानों के बावजूद जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार कम नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
