कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: विकासखंड पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत धतुरा में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े मनरेगा कार्यों में लगभग 4 लाख 50 हजार रुपये की मजदूरी राशि के कथित गबन किया गया। पीड़ित मजदूरों ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत के मेट एवं वार्ड क्रमांक 6 के पंच अमरनाथ कौशिक द्वारा फर्जी मस्टर रोल, फर्जी मांग पत्र एवं फर्जी हस्ताक्षरों के माध्यम से मजदूरी राशि का गबन किया। मामले की कई बार जांच होने के बावजूद अब तक मजदूरों को उनकी बकाया मजदूरी नहीं मिल सकी है।
पीड़ित मजदूरों ने बताया कि उन्होंने 9 फरवरी 2026 को कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत प्रस्तुत कर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मनरेगा मजदूरी की राशि के गबन की जांच एवं कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के बाद कलेक्टर कार्यालय द्वारा प्रकरण को चार बार जनपद पंचायत पाली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पास जांच हेतु भेजा गया। मजदूरों का दावा है कि जांच के दौरान अमरनाथ कौशिक ने अनियमितताओं को स्वीकार भी किया, वहीं जांच अधिकारियों ने अपने प्रतिवेदन में फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से राशि निकाले जाने का उल्लेख किया है।


कार्रवाई नहीं होने से नाराज मजदूर
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जांच में दोष सिद्ध होने के बावजूद न तो संबंधित अधिकारियों द्वारा गबन की राशि की वसूली की गई और न ही पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इससे करीब 32 मजदूर एवं हितग्राही पिछले कई महीनों से अपनी मजदूरी राशि पाने के लिए भटक रहे हैं।

मृत व्यक्तियों के नाम पर भी राशि निकालने का आरोप
शिकायत में यह भी गंभीर आरोप लगाया गया है कि मनरेगा कार्यों में ऐसे व्यक्तियों के नाम पर भी उपस्थिति दर्ज कर राशि निकाली गई, जिनका पहले ही निधन हो चुका था। मजदूरों का दावा है कि जांच प्रतिवेदन में भी इस प्रकार की अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है।
पंचायत भवन में नगद भुगतान की मांग
पीड़ित हितग्राहियों ने मांग की है कि गबन की गई 4.50 लाख रुपये की राशि दोषी से वसूल कर ग्राम पंचायत धतुरा के पंचायत भवन में सरपंच एवं सचिव की उपस्थिति में सार्वजनिक रूप से मजदूरों को वितरित की जाए। उनका कहना है कि राशि सीधे बैंक खातों में न देकर पंचायत स्तर पर पारदर्शी तरीके से भुगतान कराया जाए ताकि किसी प्रकार की विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
पंच पद से हटाने और एफआईआर दर्ज करने की मांग
शिकायतकर्ताओं ने जिला प्रशासन से अमरनाथ कौशिक को पंच एवं मेट पद से तत्काल हटाने, पंचायत राज अधिनियम के तहत कार्रवाई करने तथा भारतीय दंड संहिता की धोखाधड़ी एवं गबन से संबंधित धाराओं के अंतर्गत पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
मजदूरों ने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति पंचायत बैठकों में भी लगातार अनुपस्थित रहता है, जिससे ग्राम पंचायत के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस आधार पर भी उसे पंच पद से बर्खास्त किए जाने की मांग की गई है। प्रधानमंत्री हितग्राहियों ने कलेक्टर से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर गबन की राशि की वसूली, मजदूरों को भुगतान तथा दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
