कोरबा में अतिक्रमण पर प्रशासन का बुलडोजर एक्शन, NH-130 और कनकी-तरदा मार्ग से हटाए गए अवैध कब्जे

By Atul Yadav - Editor
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कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज:  जिले में अवैध कब्जों के खिलाफ जिला प्रशासन ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग स्थानों पर बुलडोजर चलाया। एक ओर कनकी-तरदा मुख्य मार्ग पर शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमणों को हटाया गया, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय राजमार्ग-130 (NH-130) के सुतर्रा-जुरली मार्ग पर सड़क निर्माण में बाधा बन रहे तीन मकानों को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।

शासकीय भूमि पर बने मकान-दुकानों पर कार्रवाई

बरपाली तहसीलदार सत्यपाल राय के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ कनकी-तरदा मुख्य मार्ग पहुंची। प्रशासन को शिकायत मिली थी कि सिंचाई विभाग की शासकीय भूमि पर अवैध रूप से मकान और दुकानें बनाकर कब्जा किया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ लोगों द्वारा उक्त भूमि की प्लाटिंग कर खरीद-बिक्री का कार्य किया जा रहा था।

प्रशासन ने पहले ही करीब 85 मकान मालिकों को नोटिस जारी किया था। शुक्रवार को नोटिस प्राप्त तीन मकानों और दुकानों को जेसीबी की सहायता से हटाया गया। कार्रवाई के दौरान कुछ ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।

तहसीलदार सत्यपाल राय ने बताया कि विरोध के कारण फिलहाल अभियान को स्थगित किया गया है। हालांकि आने वाले दिनों में जिला प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी में शेष अवैध कब्जों को भी हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी।

NH-130 पर सड़क निर्माण का रास्ता हुआ साफ

दूसरी कार्रवाई राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर सुतर्रा और जुरली के बीच की गई, जहां सड़क निर्माण का कार्य पिछले दो वर्षों से बाधित था। प्रशासन के अनुसार कुछ प्रभावित परिवार कम मुआवजा मिलने का आरोप लगाते हुए मकान खाली नहीं कर रहे थे। मामला न्यायालय में भी विचाराधीन था।

अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित परिवारों को एक सप्ताह पहले मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया गया था, इसके बावजूद मकान खाली नहीं किए गए। इसके बाद प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर तीन मकानों को हटाया।

रुके निर्माण कार्य को मिलेगी रफ्तार

प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग के रुके हुए निर्माण कार्य को गति मिलेगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों और विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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