कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा जिले के दीपका स्थित एक बड़े स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार सुबह स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई। इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे मरीजों को घंटों तक डॉक्टर और स्टाफ का इंतजार करना पड़ा, लेकिन तय समय पर कोई भी जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। इस अव्यवस्था के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य केंद्र का निर्धारित समय सुबह 9 बजे है, लेकिन करीब 11 बजे तक भी न तो डॉक्टर पहुंचे और न ही अन्य जरूरी स्टाफ मौजूद था। सुबह करीब 11:30 बजे एक युवक जब स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा तो वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। जब संबंधित कर्मचारी से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि वे सुबह 10 बजे से पहले नहीं आ सकतीं। इससे मरीजों में नाराजगी और बढ़ गई।
इसी दौरान एक मरीज ने बताया कि उसे शुक्रवार रात कुत्ते ने काट लिया था। वह रात में भी इंजेक्शन लगवाने स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा था, लेकिन उसे इलाज नहीं मिल सका। शनिवार सुबह 8 बजे से वह फिर से इंतजार कर रहा था, लेकिन लंबे समय तक कोई स्टाफ नहीं पहुंचा।
दीपका बस्ती की एक महिला अपनी गर्भवती बहू को जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्र लेकर आई थी। बहू को सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत थी, लेकिन जिस डॉक्टर को दिखाना था वे भी अनुपस्थित थे। मजबूरी में उन्हें भी काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
इसी बीच पार्षद अविनाश यादव भी इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र का समय सुबह 9 बजे से है, लेकिन 11 बजे तक भी रिसेप्शनिस्ट नहीं पहुंची थी। उनके अलावा कई अन्य मरीज भी आधे घंटे से अधिक समय से डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे।
जब पार्षद ने मौके पर मौजूद एक डॉक्टर से पूछा कि डॉक्टर समय पर क्यों नहीं आ रहे हैं, तो जवाब मिला कि “आ रहे होंगे।” इस पर पार्षद ने कड़ा आक्रोश जताते हुए इसे गंभीर लापरवाही बताया।
स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति और भी चिंताजनक मिली। एंट्री कक्ष पर ताला लगा था, जबकि फार्मेसी, पैथोलॉजी कक्ष, प्रसव कक्ष और औषधि कक्ष भी बंद पाए गए। इस अव्यवस्था के कारण इलाज के लिए आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस पूरे मामले में स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है।