रायपुर/सीजी एनएन 24 न्यूज: छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय मंत्रिमंडल में तीन नए मंत्री शामिल हो गए हैं। तीन विधायक राजेश अग्रवाल, खुशवंत साहेब और गजेंद्र यादव ने मंत्री पद की शपथ ली है। राजभवन में राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शपथ लेने वाले तीन मंत्रियों में से राजेश अग्रवाल और खुशवंत साहेब पूर्व कांग्रेसी रह चुके हैं। तीनों नए मंत्रियों के लिए स्टेट गैरेज से 3 कारें भी पहुंची। नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद उनके समर्थकों में उत्साह दिखा, दुर्ग, आरंग और लखनपुर में आतिशबाजी की गई, जिंदाबाद के नारे लगाए। ढोल नगाड़ों की थाप पर थिरके।
एक तरफ जहां मंत्रिमंडल में नए मंत्रियों के शामिल होने से समर्थक और कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। दूसरी तरफ कांग्रेस ने इस पर तंज कसा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के मुताबिक भाजपा ने सीनियर विधायकों को दरकिनार कर दिया है। मंत्रिमंडल में शामिल न कर उन्हें मार्गदर्शक मंडल में डाल दिया गया और नए विधायकों को कैबिनेट में जगह दी गई है।
बैज के मुताबिक कांग्रेस कार्यकाल में वरिष्ठ नेताओं की पूछपरख थी। नए विधायकों को मंत्री नहीं बनाया गया। सीनियर नेताओं को ही मंत्री बनाया गया। लेकिन भाजपा में वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा की गई। धरमलाल कौशिक, अजय चंद्राकार शपथ ग्रहण में नहीं आना उसका उदाहरण है।
3 नए मंत्रियों में 2 पूर्व में कांग्रेसी रहे
साय कैबिनेट में तीन नए मंत्री राजेश अग्रवाल, गजेंद्र यादव और खुशवंत साहेब शामिल किए गए हैं।
राजभवन में राज्यपाल रमेन डेका ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान सीएम साय के साथ कई वरिष्ठ भाजपा नेता मौजूद रहे।
तीन विधायक जिन्होंने मंत्री पद की शपथ ली है उनमें से 2 मंत्री राजेश अग्रवाल और खुशवंत साहेब पूर्व में कांग्रेसी रह चुके हैं।
कांग्रेस बोली- मंत्रिमंडल में सीनियर नेताओं को नहीं दी जगह
कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर के मुताबिक ‘कैबिनेट में सीनियर नेताओं को शामिल नहीं किया है। भाजपा मान चुकी है कि 15 साल तक नेताओं ने केवल कमीशन खोरी, घूसखोरी की है। इसलिए उन्हें जगह नहीं दी गई।’
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा के मुताबिक युवाओं को मौका मिलने पर सुशासन और विकास की गति में और तेजी आएगी।
रमन सिंह भी राजभवन पहुंचे
भाजपा नेता राजभवन पहुंचने लगे हैं। सीएम साय, रमन सिंह, किरण देव सिंह के साथ कई वरिष्ठ शपथ ग्रहण में शामिल होने पहुंचे।
वहीं नेताओं का कहना है कि सूचना के अभाव के कारण कई विधायक नहीं आ पाए।
बीजेपी में इस फॉर्मूले की चर्चा
बीजेपी संगठन के नेताओं के अनुसार, सामाजिक और भौगोलिक संतुलन को प्राथमिक महत्व दिया जाएगा। माना जा रहा है कि एक मंत्री सामान्य वर्ग से, दूसरा अनुसूचित जनजाति वर्ग से और तीसरा पिछड़ा वर्ग से लिया जा सकता है, जो बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग संभाग से हो सकते हैं।
कैबिनेट में तीन नए चेहरे जुड़ेंगे
बीजेपी संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, संगठन विस्तार के दौरान तीन नेताओं को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसमें सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी। अनुमान है कि एक मंत्री सामान्य वर्ग से, दूसरा अनुसूचित जनजाति से और तीसरा पिछड़ा वर्ग से चुना जा सकता है।
पुराने मंत्रियों की कुर्सी सुरक्षित
बीजेपी संगठन के अनुसार, नए मंत्रियों की कैबिनेट में एंट्री होगी, लेकिन मौजूदा मंत्रियों के विभाग या पद में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसका मतलब है कि वर्तमान टीम से किसी को बाहर नहीं किया जाएगा।
हालांकि पिछले कुछ समय से राजनीतिक हलकों में लक्ष्मी राजवाड़े, दयालदास बघेल और टंकराम वर्मा को लेकर अटकलें चल रही थीं, लेकिन अब ऐसे संकेत दिखाई नहीं दे रहे हैं।
संसदीय सचिवों की नियुक्ति पर भी लग सकती है मुहर
अगस्त महीने में ही बीजेपी संसदीय सचिव और रिक्त निगम मंडल के अध्यक्षों की भी नियुक्त कर सकती है। इस नियुक्ति में सीनियर और जूनियर का औसत देखने को मिलेगा। बता दें कि, संसदीय सचिव नियुक्त करने की परंपरा भाजपा शासनकाल में डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्री रहते शुरू हुई थी।

