कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा जिले के कनकी-तरदा मार्ग पर राखड़ डंप कर जमीन पर अवैध कब्जा करने का मामला तेजी से बढ़ता जा रहा है। तरदा निवासी विनोद कुमार पटेल के अनुसार, गांव के कुछ लोगों के साथ बाहरी लोग भी एरिगेशन विभाग की जमीन पर राखड़ डालकर कब्जा करने में लगे हुए हैं। खुलेआम भारी वाहन सड़क किनारे और बीच सड़क पर राखड़ गिरा रहे हैं, जिससे स्थिति गंभीर होती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह अवैध कब्जा बड़े क्षेत्र में फैल चुका है। कई बार विरोध और शिकायत के बावजूद संबंधित विभाग के अधिकारी इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
सड़क हादसों और प्रदूषण का खतरा बढ़ा
सड़क किनारे राखड़ डंप होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। आंधी-तूफान या भारी वाहनों के गुजरने पर राखड़ उड़कर वातावरण को प्रदूषित कर रही है, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग बिलासपुर-रायपुर आने-जाने वालों के लिए भी प्रमुख रास्ता है, जहां वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
किसानों की बढ़ी मुश्किलें
स्थानीय किसानों का कहना है कि राखड़ डंपिंग से उनकी खेती प्रभावित हो रही है। जमीन की उपजाऊ क्षमता घटने के साथ खेती करना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर इस जमीन पर राखड़ डालने की अनुमति किसने दी और इसका वास्तविक मालिक कौन है।
मिलीभगत का आरोप, आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों को आशंका है कि इस पूरे मामले में विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है। शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने से यह शक और गहरा रहा है। सरपंच गायत्री सिदार ने बताया कि विरोध और शिकायत के बाद भी अवैध गतिविधियां जारी हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।