कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा जिले के ढपढप क्षेत्र में आयोजित 5 दिवसीय हनुमंत कथा के पहले दिन शनिवार को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं को कथा सुनाई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल देखने को मिला।
कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण के मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय मिशनरियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि अब धर्मांतरण नहीं होने दिया जाएगा और जो लोग अपनी परंपरा से दूर हो गए हैं, उनकी ‘घर वापसी’ का समय आ गया है।
उन्होंने कोरबा सहित रायगढ़, जशपुर और बिलासपुर के लोगों से अपील करते हुए कहा कि जो लोग वापस अपने धर्म में आना चाहते हैं, उनके लिए यह सही अवसर है।
अपने संबोधन में उन्होंने हल्के अंदाज में कोरबा की ऊर्जा भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि अगर यहां के लोग कोयला देना बंद कर दें, तो मध्य प्रदेश में अंधेरा छा जाएगा।
इस बीच, राज्य में प्रस्तावित धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 को लेकर मसीही समाज द्वारा विरोध भी जारी है। इसी मुद्दे के बीच शास्त्री का यह बयान चर्चा का विषय बन गया है।
भावुक अंदाज में उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का ‘भांचा’ बताते हुए कहा कि यह माता कौशल्या की धरती है और इस नाते उनका यहां विशेष जुड़ाव और अधिकार है।