बिलासपुर/सीजी एनएन 24 न्यूज: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार देर रात एक बड़ा रेल हादसा हुआ। मालगाड़ी और मेमू लोकल के बीच भीषण टक्कर में 11 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 20 यात्री घायल हुए हैं। बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मृतकों की पुष्टि की है।
हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य
टक्कर के तुरंत बाद रेल प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया। रात करीब ढाई बजे तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और सभी को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रशासन ने बताया कि प्रत्येक घायल यात्री को ₹50,000 की तत्काल अनुग्रह सहायता राशि दी गई है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उनकी देखरेख कर रही है।
अब तक 10 मृतकों की पहचान हो चुकी है, जबकि एक की पहचान बाकी है।
पहचाने गए मृतक:
- विद्यासागर (55), लोको पायलट, मेमू लोकल
- प्रमिला वस्त्रकार (55), पाराघाट, बिलासपुर
- रंजीत भास्कर (32), कोसा, जांजगीर-चांपा
- अर्जुन यादव (35), देवरीखुर्द, बिलासपुर
- शिला यादव (30), देवरीखुर्द, बिलासपुर
- मानमति यादव (65), देवरीखुर्द, बिलासपुर
- प्रिया चंद्रा (22), बहेराडीह, जैजैपुर सक्ती
- लव शुक्ला
- भास्कर राव
- अंकित अग्रवाल
- अज्ञात महिला
घायल यात्रियों की सूची:
- मथुरा भास्कर (55)
- चौरा भास्कर (50)
- शत्रुघ्न (50)
- गीता देबनाथ (30)
- मेहनिश खान (19)
- संजू विश्वकर्मा (35)
- सोनी यादव (25)
- संतोष हंसराज (60)
- रश्मि राज (34)
- ऋषि यादव (2)
- तुलाराम अग्रवाल (60)
- अराधना निषाद (16)
- मोहन शर्मा (29)
- अंजूला सिंह (49)
- शांता देवी गौतम (64)
- प्रीतम कुमार (18)
- शैलेश चंद्र (49)
- अशोक कुमार दीक्षित (54)
- नीरज देवांगन (53)
- राजेंद्र मारुति बिसारे (60)
जांच और मुआवजा
प्रारंभिक जांच में ऑटो सिग्नल फेल होने की आशंका जताई जा रही है। रेलवे ने कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) से जांच के आदेश दिए हैं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है: मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख, गंभीर घायलों को ₹5 लाख, सामान्य घायलों को ₹50 हजार, वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने भी मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को ₹50 हजार की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
ट्रैक बहाली और संचालन
रेलवे इंजीनियरिंग टीम ने पूरी रात ट्रैक बहाली का कार्य जारी रखा। देर रात एक ट्रैक पर परिचालन बहाल कर दिया गया, जबकि दूसरे ट्रैक को सुबह तक चालू किए जाने की उम्मीद है। कुछ ट्रेनों का मार्ग बदला गया और यात्रियों को वैकल्पिक साधनों से उनके गंतव्य तक भेजा गया।
सुरक्षा पर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर रेलवे की सुरक्षा प्रणाली और सिग्नलिंग नेटवर्क पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑटो सिग्नलिंग और रीयल-टाइम निगरानी सिस्टम को और मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
