कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने चलती ई-रिक्शा में बच्चे को जन्म दिया। लेबर पेन बढ़ने के बाद परिजनों ने महतारी एक्सप्रेस-102 एम्बुलेंस को कॉल किया, लेकिन वाहन समय पर नहीं पहुंचा। मजबूरन महिला को ई-रिक्शा से जिला मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा था, इसी दौरान बुधवारी के पास उसने स्वस्थ नवजात को जन्म दे दिया।
जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला दर्री थाना क्षेत्र के अयोध्यापुरी का है। अयोध्यापुरी निवासी सीमा विश्वकर्मा को सुबह लेबर पेन बढ़ने पर नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां जांच के दौरान स्टाफ ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए जिला मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। बताया गया कि महिला में खून की कमी है, जिसके चलते प्रसव में जटिलता हो सकती है। एम्बुलेंस के लिए कॉल किया गया, पर देर तक वाहन नहीं पहुंचा। इसके बाद स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों ने एक ऑटो चालक को बुलाया।
मितानिन पर साथ न देने का आरोप
महिला के पति बाबूलाल विश्वकर्मा, जो पेशे से राज मिस्त्री हैं, का आरोप है कि उनकी पत्नी की हालत बिगड़ती देख मितानिन वहां से अपने घर चली गई। कॉल करने और बुलाने के बाद भी मितानिन जिला अस्पताल तक साथ नहीं गई।
परिजन सीमा को ई-रिक्शा में जिला मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे तभी रास्ते में बुधवारी के उसने शिशु को जन्म दे दिया। अस्पताल पहुंचते ही प्रसूता और नवजात को तत्काल भर्ती किया गया जहां दोनों का उपचार जारी है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी एस.एन. केसरी ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि यदि मितानिन की ओर से लापरवाही की गई है तो इसकी जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
