कोरबा: शासकीय महाविद्यालय बरपाली द्वारा ग्राम पंचायत सालिहभांठा स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में आयोजित रासेयो (NSS) के सात दिवसीय विशेष शिविर में दूसरे दिन बौद्धिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बस्तर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं नागालैंड सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एन.डी.आर. चंद्रा रहे।
बौद्धिक सत्र की शुरुआत मां सरस्वती, छत्तीसगढ़ महतारी एवं स्वामी विवेकानंद के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पित कर की गई। अपने विशेष उद्बोधन में प्रो. चंद्रा ने ग्रामीण अंचल की प्राकृतिक वातावरण, राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका व समय प्रबंधन पर विस्तृत विचार साझा किए। उन्होंने शिविरार्थियों को भूत, वर्तमान और भविष्य के संतुलन के साथ समर्पण, संयम और अनुशासन से अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर होने का संदेश दिया। कुलपति ने युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्रहित में सकारात्मक रूप से उपयोग करने पर बल दिया।
बौद्धिक गोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सी.पी. नंद, प्रो. ए.के. सिंह, श्री डी.डी. महंत, श्री ए.के. वर्मा, डॉ. आकाश वैष्णव, श्रीमती शशि मिश्रा, श्रीमती सोनम साहू सहित रासेयो कार्यक्रम अधिकारी श्री अरविंद खाखा, श्रीमती लक्ष्मी साहू, कोमलेश वैष्णव और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन श्री डी.डी. महंत ने किया। व्याख्यान के पश्चात प्रो. ए.के. सिंह ने पूर्व कुलपति द्वारा दिए गए ज्ञानवर्धक विचारों के लिए महाविद्यालय परिवार की ओर से आभार व्यक्त किया और कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा जगत की ऐसी महान विभूति से प्रेरणा प्राप्त होना गर्व की बात है।
रासेयो शिविर के दूसरे दिन का यह बौद्धिक सत्र विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी और ज्ञानवर्धक साबित हुआ।
