कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा से पटना जा रही राजहंस बस में उस समय भावुक कर देने वाला नजारा देखने को मिला, जब सफर के दौरान एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। तेज बारिश और रात के अंधेरे के बीच बस में मौजूद महिला यात्रियों और बस स्टाफ ने हिम्मत दिखाते हुए सुरक्षित प्रसव कराया। कुछ ही देर में बस नवजात की किलकारी से गूंज उठी। मां और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
जानकारी के अनुसार कोरबा निवासी सुनती देवी अपने पति के साथ राजहंस बस से पटना जा रही थीं। यह उनका पहला बच्चा है। रात करीब 11 बजे बस अंबिकापुर से आगे बढ़ रही थी, तभी उन्हें अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने लगी।
महिला की हालत देखकर बस चालक ने बिना देर किए बस को सुरक्षित स्थान पर रोक दिया। बाहर झमाझम बारिश हो रही थी, लेकिन बस के भीतर मौजूद महिला यात्रियों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए प्रसव की जिम्मेदारी संभाल ली। करीब आधे घंटे की कोशिश के बाद सुनती देवी ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
बच्चे के जन्म के साथ ही बस में मौजूद 30 से 35 यात्रियों के चेहरों पर खुशी छा गई। सभी ने नवदंपती को शुभकामनाएं दीं और मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए आपस में चंदा जुटाकर परिवार को आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया।
इसके बाद बस बलरामपुर पहुंची, जहां प्रसूता और नवजात को तत्काल सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर सहायता मिलने के कारण प्रसव सुरक्षित रहा। फिलहाल मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं तथा डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
परिजनों के अनुसार सुनती देवी ने प्रेम विवाह किया था और वह पहली बार अपने पति के साथ ससुराल पटना जा रही थीं। इसी यात्रा के दौरान उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। यदि बस में मौजूद यात्रियों और स्टाफ ने समय रहते मदद नहीं की होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
यह घटना केवल एक सुरक्षित प्रसव की नहीं, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में इंसानियत, सहयोग और संवेदनशीलता की मिसाल बन गई। रात, बारिश और विपरीत हालात के बावजूद जिस तरह यात्रियों और बस कर्मचारियों ने एकजुट होकर मां और नवजात की मदद की, उसने सभी का दिल जीत लिया।
