कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा जिले के शारदा विहार स्थित आयुष्मान चिकित्सालय में जन्मे जुड़वा नवजातों में से एक की इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ, जिसके बाद सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची।
जानकारी के अनुसार परशुराम नगर दादर निवासी शशिकांत ओझा की पत्नी ने 17 जुलाई को जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। करीब 16 साल बाद घर में बच्चों के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल था। परिजनों के मुताबिक, जन्म के समय दोनों नवजातों का वजन सामान्य था, लेकिन कुछ घंटों बाद एक बच्चे में पीलिया के लक्षण दिखाई देने लगे।
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने तत्काल ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों को बच्चे की स्थिति से अवगत कराया, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका कहना है कि डॉक्टरों ने केवल आश्वासन दिया और समय पर उच्च स्तरीय चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर नहीं किया। आरोप है कि बच्चे की हालत लगातार बिगड़ने के बाद, परिजनों के दबाव पर उसे दूसरे अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित अस्पताल रेफर किया जाता, तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।
वहीं अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों से इनकार किया है। प्रबंधन का कहना है कि नवजात की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। पीलिया के लक्षण सामने आते ही आवश्यक उपचार शुरू कर दिया गया था और हालत गंभीर होने पर चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार रेफर किया गया।
फिलहाल मामले को लेकर पुलिस को सूचना दे दी गई है। मामले की जांच और चिकित्सकीय प्रक्रिया की समीक्षा के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी या नहीं।
