कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: जनगणना-2027 जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में लापरवाही बरतना कोरबा जिले के पीएमश्री स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दीपिका की तीन व्याख्याताओं को भारी पड़ा। लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर ने नर्मदा बंजारे, ऊषा राज और नीलू चन्द्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने तीनों व्याख्याताओं के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा लोक शिक्षण संचालनालय को भेजी थी। इसी अनुशंसा के आधार पर डीपीआई रायपुर ने निलंबन आदेश जारी किया।
प्रशिक्षण से दूरी, आदेशों की भी अवहेलना
मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं जनगणना चार्ज अधिकारी, दीपिका द्वारा तीनों व्याख्याताओं को गणना ब्लॉक क्रमांक 0026 में प्रगणक के रूप में नियुक्त किया गया था। आरोप है कि उन्होंने जनगणना के प्रारंभिक प्रशिक्षण में शामिल होने से इंकार कर दिया। इसके बाद कई बार निर्देश दिए जाने के बावजूद नियुक्ति आदेश और जनगणना किट प्राप्त नहीं की।
निर्धारित समय-सीमा में सौंपे गए जनगणना संबंधी दायित्वों का भी पालन नहीं किया गया। मामले में जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब भी अधिकारियों के अनुसार संतोषजनक नहीं पाया गया।
नियमों के तहत हुई कार्रवाई
जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 5 के तहत जनगणना कार्य में नियुक्त अधिकारी-कर्मचारी लोक सेवक की श्रेणी में आते हैं। जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में लापरवाही और पदीय दायित्वों के प्रति उदासीनता को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के विपरीत गंभीर कदाचार माना गया।
इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत तीनों को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, कोरबा निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
