रक्षाबंधन पर कोरबा पुलिस की अनोखी पहल, ‘जागरूकता की राखी’ से दिया साइबर ठगी से बचने का संदेश, सोशल मीडिया पर शेयर की सेल्फी

By Atul Yadav - Editor
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साइबर जागृति अभियान के दूसरे सप्ताह में बैंक, बाजार और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंची पुलिस; UPI फ्रॉड से लेकर फर्जी लिंक और APK तक बताए ठगी से बचने के तरीके

कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज:  रक्षाबंधन के पर्व पर कोरबा में इस बार भाई-बहन के रिश्ते के साथ साइबर सुरक्षा का बंधन भी देखने को मिला। कोरबा पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत लोगों ने ‘जागरूकता की राखी’ के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर शेयर की और डिजिटल ठगी से बचने का संदेश दिया।

जिले में चल रहे साइबर जागृति अभियान के दूसरे सप्ताह में पुलिस की अलग-अलग टीमों ने बैंकिंग संस्थानों, औद्योगिक क्षेत्रों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया। अभियान का उद्देश्य लोगों को ऑनलाइन लेनदेन के दौरान होने वाली छोटी-सी लापरवाही से होने वाले बड़े आर्थिक नुकसान से बचाना है।



बैंक से लेकर बाजार तक पहुंची पुलिस

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले व नितीश ठाकुर के निर्देशन में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

दीपका थाना परिसर, सर्वमंगला चौक, कटघोरा बस स्टैंड, दर्री स्थित हीरो एजेंसी, हरदीबाजार बस स्टैंड व आसपास के दुकानों, उरगा चौक तथा करतला के रामपुर और बेहरछुआ साप्ताहिक बाजार में पुलिस टीमों ने लोगों से सीधे संवाद किया।

इस दौरान पुलिस ने लोगों को UPI फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी कॉल, OTP ठगी और अन्य साइबर अपराधों के तरीकों की जानकारी दी।

‘जागरूकता की राखी’ बनी अभियान का आकर्षण

रक्षाबंधन के मौके पर पुलिस ने साइबर सुरक्षा को त्योहार से जोड़ते हुए ‘साइबर सुरक्षा बंधन पर्व’ मनाया। लोगों को जागरूकता की राखी बांधी गई और उनसे इसके साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर साझा करने की अपील की गई।

पुलिस का संदेश साफ रहा कि डिजिटल दुनिया में सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। एक गलत क्लिक, OTP साझा करना या अनजान व्यक्ति को UPI PIN बताना बैंक खाते को खाली कर सकता है।

OTP और UPI PIN किसी से साझा न करें

जागरूकता कार्यक्रमों में पुलिस ने लोगों को समझाया कि OTP, UPI PIN, पासवर्ड और बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।

इसके अलावा अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड करने, फर्जी वेबसाइट पर बैंकिंग जानकारी दर्ज करने और फोन पर आने वाले संदिग्ध कॉल पर भरोसा करने से बचने की सलाह दी गई।

ठगी हो जाए तो देर न करें

कोरबा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि साइबर ठगी होने पर घबराने के बजाय तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। इसके साथ ही cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

पुलिस के मुताबिक ठगी की जानकारी जितनी जल्दी दी जाएगी, रकम को रोकने या उसके आगे के ट्रांजेक्शन पर कार्रवाई की संभावना उतनी ही बढ़ सकती है।

कोरबा पुलिस ने नागरिकों से सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने, सतर्क रहने और साइबर अपराध के प्रति स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की है।

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