आवासीय प्रशिक्षण से लेकर औजार किट तक की सुविधा, सौर ऊर्जा, ड्रोन, वेल्डिंग और राजमिस्त्री जैसे क्षेत्रों में बढ़ रहे अवसर
कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) कोरबा ने जिले के युवाओं को केवल प्रशिक्षण देने के बजाय उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। जिला कौशल विकास प्राधिकरण के माध्यम से शासकीय प्रशिक्षण केंद्रों में युवाओं को स्थानीय रोजगार की जरूरत और उनकी रुचि के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खास बात यह है कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं के लिए आवासीय प्रशिक्षण, भोजन तथा प्रशिक्षण पूरा करने के बाद स्वरोजगार शुरू करने के लिए औजार किट जैसी सुविधाओं को भी योजना से जोड़ा गया है।
आवासीय प्रशिक्षण से बढ़ी युवाओं की भागीदारी
दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं के लिए प्रतिदिन प्रशिक्षण केंद्र तक पहुंचना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है। इसे ध्यान में रखते हुए डीएमएफ के सहयोग से मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण ले रहे हितग्राहियों के लिए आवासीय व्यय की स्वीकृति दी गई है।
इस व्यवस्था से युवाओं को प्रशिक्षण केंद्र पर नियमित रूप से उपस्थित रहने में सुविधा मिल रही है। साथ ही प्रशिक्षण बीच में छोड़ने की संभावना भी कम हो रही है।
सौर ऊर्जा में स्वरोजगार की नई राह
कोरबा के आजीविका महाविद्यालय में सौर पैनल स्थापना एवं रखरखाव से जुड़े प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में 60 हितग्राहियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से 30 हितग्राहियों के एक बैच का प्रशिक्षण प्रारंभ हो चुका है। प्रशिक्षण की अवधि दो माह निर्धारित है।
प्रशिक्षण के साथ प्रारंभिक किट तथा प्रशिक्षण पूरा होने के बाद स्वरोजगार के लिए आवश्यक औजार किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इससे प्रशिक्षित युवा स्वयं सौर पैनल स्थापना और रखरखाव से जुड़े कार्य शुरू कर आय अर्जित कर सकेंगे। वहीं जिले में सौर ऊर्जा सेवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित तकनीशियनों की उपलब्धता भी बढ़ेगी।
ड्रोन तकनीक से जुड़ेंगे युवा
भविष्य में रोजगार की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए आजीविका महाविद्यालय को ड्रोन कौशल केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल की जा रही है। प्रस्तावित ड्रोन प्रयोगशाला में युवाओं को सर्वेक्षण, भूमि मानचित्रण, कृषि सर्वेक्षण, सौर स्थल निरीक्षण, त्रि-आयामी मॉडल तैयार करने और व्यावसायिक वीडियोग्राफी जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की योजना है।
खनन, ऊर्जा और कृषि गतिविधियों वाले कोरबा जिले में ड्रोन तकनीक का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में यह पहल युवाओं को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देने के साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खोल सकती है। भविष्य में महिला स्व-सहायता समूहों को भी ‘ड्रोन दीदी’ मॉडल से जोड़ने की संभावना है।
वेल्डिंग प्रशिक्षण के बाद मिलेंगे औजार
वेल्डिंग क्षेत्र में भी युवाओं को प्रशिक्षण के साथ स्वरोजगार की तैयारी कराई जा रही है। इसके लिए 60 हितग्राहियों के प्रशिक्षण का लक्ष्य रखा गया है, जबकि वर्तमान में 30 हितग्राहियों का प्रशिक्षण संचालित है।
प्रशिक्षण के बाद हितग्राहियों को वेल्डिंग मशीन, हेलमेट, दस्ताने, एप्रन सहित आवश्यक औजारों की किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे युवा धातु निर्माण, जाली, दरवाजा-गेट निर्माण और मरम्मत जैसे कार्यों के जरिए अपना रोजगार शुरू कर सकेंगे।
राजमिस्त्री प्रशिक्षण से ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा कुशल मानव संसाधन
ग्रामीण राजमिस्त्री प्रशिक्षण के लिए भी 60 हितग्राहियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद हितग्राहियों को कन्नी, सतह समतल करने का उपकरण, साहुल, नापने की फीता, हथौड़ा, छैनी, बाल्टी सहित आवश्यक औजारों से युक्त किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
इससे प्रशिक्षित युवा स्वरोजगार या ठेका कार्य शुरू कर सकेंगे। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कुशल राजमिस्त्रियों की उपलब्धता बढ़ने से स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्यों के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन भी तैयार होगा।
प्रशिक्षण से आगे आत्मनिर्भरता पर जोर
कलेक्टर एवं जिला खनिज संस्थान न्यास के अध्यक्ष श्री कुणाल दुदावत ने कहा कि डीएमएफ कोरबा की पहल का उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण को रोजगार और स्वरोजगार से प्रभावी रूप से जोड़ना है। प्रशिक्षण के साथ आवासीय सुविधा और औजार किट की व्यवस्था कर युवाओं को अपने हुनर को आय में बदलने के लिए आवश्यक आधार उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस पहल से एक ओर स्थानीय स्तर पर कुशल मानव संसाधन तैयार होगा, वहीं दूसरी ओर युवाओं के आत्मनिर्भर बनने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। डीएमएफ की यह पहल ‘प्रशिक्षण से रोजगार और रोजगार से आत्मनिर्भरता’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
