कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: लगातार पांच दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के बाद रविवार सुबह हुई तेज बारिश ने कोरबा शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी। देखते ही देखते कई वार्ड जलमग्न हो गए। सड़कों और नालियों का पानी घरों में घुस गया। चिमनी भट्टा में 40 से अधिक घरों में नाले का गंदा पानी पहुंचने से लोगों के सामने रहने और खाने तक का संकट खड़ा हो गया। वहीं शारदा विहार के अटल आवास में भी एक दर्जन से अधिक घर जलभराव की चपेट में आ गए।
बारिश के बीच दादर नाला सबसे खतरनाक नजर आया। तेज बहाव के बावजूद एक स्कॉर्पियो चालक वाहन लेकर नाला पार करने पहुंच गया। वाहन में तीन युवक सवार थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें रोकने और खतरा समझाने की कोशिश की, लेकिन युवक नहीं माने। नाले में उतरते ही तेज धार ने स्कॉर्पियो को अपनी चपेट में ले लिया और वाहन बहने लगा।
हालात बिगड़ते देख नाले के दोनों ओर लोगों की भीड़ जमा हो गई। करीब आधे घंटे तक स्कॉर्पियो पानी के तेज बहाव में तैरती रही। इस दौरान तीनों युवक वाहन की छत पर बैठे रहे। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद लोगों की मदद से तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें नाले के उफनते पानी के बीच स्कॉर्पियो और उसके ऊपर बैठे युवक नजर आ रहे हैं।
नालियों का पानी बना मुसीबत, घरों में घुटनों तक पानी
तेज बारिश का सबसे ज्यादा असर शहर के निचले इलाकों में देखने को मिला। आरपी नगर, चिमनी भट्टा, शारदा विहार, अमरैया पारा, मोती सागर पारा, सीतामणी और मुड़ापार में जलभराव से जनजीवन प्रभावित रहा।
चिमनी भट्टा में नाले का पानी 40 से ज्यादा घरों के कमरों तक पहुंच गया। पानी के साथ घरों में रखा सामान, बच्चों की कॉपी-किताबें और खाने-पीने की सामग्री भी खराब हो गई। कई परिवारों के सामने खाना बनाने तक की परेशानी खड़ी हो गई।
शारदा विहार के अटल आवास में भी 12 से ज्यादा घरों में गंदा पानी घुस गया। गलियां पूरी तरह जलमग्न हो गईं और घरों के भीतर रखा सामान पानी में तैरता नजर आया। स्थानीय लोगों के मुताबिक पानी के साथ सांप और बिच्छू भी घरों में पहुंच गए, जिससे परिवारों में दहशत का माहौल रहा।
हर साल डूबते हैं इलाके, स्थायी समाधान का इंतजार
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में इन इलाकों में जलभराव कोई नई समस्या नहीं है। हर साल नालियों और नालों का पानी घरों में घुसता है। नाली सफाई और बेहतर जल निकासी की मांग को लेकर कई बार नगर निगम और प्रशासन से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
वार्ड नंबर 14 के चिमनी भट्टा और अमरैया पारा के लोगों ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि हर साल बारिश में घरों में पानी भरने से सामान बर्बाद होता है और परिवारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो स्थानीय लोग आंदोलन का रास्ता अपनाने की चेतावनी दे रहे हैं।
बिजली गुल होने से बढ़ी परेशानी
बारिश के साथ शहर के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। जलभराव के बीच बिजली गुल होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। कई परिवारों को घरों से पानी निकालने के लिए खुद ही मशक्कत करनी पड़ी।
तेज बारिश ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां दादर नाले में स्कॉर्पियो बहने की घटना ने लापरवाही के गंभीर खतरे को सामने ला दिया, वहीं दूसरी ओर घरों में घुसा गंदा पानी यह बताने के लिए काफी है कि बारिश से निपटने की तैयारियां जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी हैं।
