कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा द्वारा साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से पैरालीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के तत्वावधान एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का मार्गदर्शन प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष नीता यादव ने किया।
साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट के तरीकों की दी जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस विभाग के साइबर सेल के साइबर विशेषज्ञ विकेश्वर प्रताप सिंह एवं रवि कुमार चौबे ने उपस्थित पैरालीगल वॉलंटियर्स को साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी तथा ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने बताया कि साइबर अपराधी मोबाइल फोन, सोशल मीडिया, फर्जी कॉल, मैसेज और वीडियो कॉल के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर अपराधी स्वयं को पुलिस अधिकारी या अन्य शासकीय अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और उनसे पैसों की मांग करते हैं। ऐसी परिस्थितियों में घबराने के बजाय सतर्कता बरतना जरूरी है।
ओटीपी और बैंक संबंधी जानकारी साझा नहीं करने की सलाह
प्रशिक्षण के दौरान पैरालीगल वॉलंटियर्स को सलाह दी गई कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाते से संबंधित विवरण, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। साथ ही सुरक्षित डिजिटल लेन-देन, साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने और साइबर अपराधों की रोकथाम के संबंध में भी जानकारी दी गई।
साइबर सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन और डिजिटल टूल्स की जानकारी
कार्यक्रम में साइबर अपराध से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी गई। मोबाइल फोन गुम होने की स्थिति में CEIR पोर्टल के उपयोग, व्हाट्सऐप में टू-स्टेप वेरिफिकेशन सुविधा सक्रिय करने तथा निजी फोटो और वीडियो के ऑनलाइन प्रसार को रोकने के लिए StopNCII.org की उपयोगिता के बारे में भी बताया गया।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पैरालीगल वॉलंटियर्स के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आम नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और डिजिटल अरेस्ट जैसी धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी पहुंचाना है। प्रशिक्षित वॉलंटियर्स नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने तथा साइबर अपराध की स्थिति में समय पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित करेंगे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहें, किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश पर भरोसा न करें और ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तत्काल संबंधित माध्यमों से शिकायत दर्ज कराएं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रबंध कार्यालय एवं लीगल एड क्लीनिक में नियुक्त पैरालीगल वॉलंटियर्स ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
