कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा पुलिस ने कम कैरेट के सोने को 22 कैरेट बताकर लोगों और गोल्ड लोन कंपनियों से धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से सोने के आभूषण, नकदी, डिजिटल तौल मशीन, बैंक में रुपये जमा करने की पर्ची और घटना में इस्तेमाल की गई हुंडई आई-10 कार जब्त की गई है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
45 हजार रुपये में 18 कैरेट का लॉकेट बेचकर की ठगी
मामले के अनुसार, ग्राम कोरबी धतुरा निवासी संजय श्रीवास ने थाना सिविल लाइन रामपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि गांव के इंद्रेश साहू ने उसे 3.75 ग्राम वजन का सोने का लॉकेट 22 कैरेट का बताया था। इसकी कीमत करीब 49 से 50 हजार रुपये बताकर 45 हजार रुपये में बेचने की बात कही गई।
इसके बाद 28 अक्टूबर को इंद्रेश अपने साथियों के साथ सफेद कार से घंटाघर कोरबा पहुंचा और संजय से 45 हजार रुपये लेकर लॉकेट दे दिया। बाद में संजय ने दिव्य ज्वेलर्स में लॉकेट की जांच कराई तो पता चला कि वह 22 कैरेट नहीं, बल्कि 18 कैरेट सोने का है। इस तरह आरोपियों ने सोने की शुद्धता छिपाकर उससे 45 हजार रुपये की ठगी की।
18 और 20 कैरेट के गहनों को 22 कैरेट बताकर करते थे धोखाधड़ी
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान मुख्य आरोपी इंद्रेश कुमार साहू को उसके तीन अन्य साथियों के साथ पकड़ लिया गया। पूछताछ में पुलिस के अनुसार गिरोह के काम करने का तरीका सामने आया।
आरोपी 18 और 20 कैरेट के सोने के आभूषणों को 22 कैरेट का बताकर लोगों को बेचते थे। इसके अलावा इन्हीं आभूषणों को अलग-अलग गोल्ड लोन कंपनियों और वित्तीय संस्थाओं में गिरवी रखकर ऋण भी लेते थे। इस काम से मिलने वाले पैसों को आपस में बांट लेते थे।
जांच में मणप्पुरम फाइनेंस, जना बैंक, आईएफएल सहित अन्य वित्तीय संस्थाओं में सोने के आभूषण गिरवी रखकर ऋण लेने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अब आभूषणों की वास्तविक शुद्धता, हॉलमार्क और उनके स्रोत की जांच कर रही है।
आरोपियों के पास से ये सामान जब्त
पुलिस ने 29 अक्टूबर 2026 को आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग सामान जब्त किया है।
- इंद्रेश कुमार साहू: 2,100 रुपये नकद और 40 हजार रुपये की एसबीआई एटीएम डिपॉजिट पर्ची।
- लिलेश्वर सिन्हा: 1,000 रुपये नकद।
- मनीष देवांगन: घटना में इस्तेमाल की गई हुंडई आई-10 कार क्रमांक CG05AE-8013।
- आशीष गर्ग: दो सोने के लॉकेट, दो जोड़ी सोने की झुमकी, तीन सोने की अंगूठियां और एक बैटरी से चलने वाली डिजिटल तौल मशीन।
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें इंद्रेश कुमार साहू उर्फ हरिओम (31 वर्ष), निवासी कोरबी धतुरा, जिला कोरबा; लिलेश्वर सिन्हा (52 वर्ष), निवासी गुढ़ियारी, जिला रायपुर; मनीष देवांगन उर्फ राहुल (47 वर्ष), निवासी सुंदरनगर, रायपुर और आशीष गर्ग उर्फ आशु (29 वर्ष), निवासी नरेला, दिल्ली शामिल हैं।
पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ थाना सिविल लाइन रामपुर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) में मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को 29 अक्टूबर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
फिलहाल पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, सोने के आभूषणों के स्रोत, हॉलमार्क की सत्यता और अलग-अलग गोल्ड लोन कंपनियों में हुए लेन-देन की जांच कर रही है।
