कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य पर होने वाली धान खरीदी में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कोरबा जिला प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया है। खरीदी केंद्रों में अवैध धान की आवक, धान के पुनर्चक्रण और संभावित अनियमितताओं पर नजर रखने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। इसके साथ ही जिले से लेकर तहसील स्तर तक जांच समितियों और उड़नदस्ता दलों की तैनाती की गई है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने 4 नवंबर को इस संबंध में आदेश जारी कर निगरानी व्यवस्था की जिम्मेदारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सौंपी है। कंट्रोल सेंटर के नोडल अधिकारी अपर कलेक्टर कटघोरा ओंकार यादव बनाए गए हैं। उनके नेतृत्व में गठित टीम धान खरीदी से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखेगी और विभिन्न जांच दलों से मिलने वाली रिपोर्ट का संकलन करेगी।
प्रशासन की इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य खरीदी केंद्रों में होने वाली गतिविधियों की नियमित निगरानी करना और किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करना है। निरीक्षण के दौरान जांच दलों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट सीधे कलेक्टर को भेजी जाएगी।
शिकायत के लिए जारी किया गया मोबाइल नंबर
धान खरीदी के दौरान किसानों अथवा आम नागरिकों को किसी तरह की अनियमितता नजर आती है तो वे इसकी जानकारी प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं। शिकायत और सुझाव दर्ज कराने के लिए नियंत्रण कक्ष का मोबाइल नंबर 9691901259 जारी किया गया है। प्राप्त शिकायतों एवं सुझावों को खाद्य शाखा तक पहुंचाया जाएगा, ताकि संबंधित मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
जिला प्रशासन ने कंट्रोल सेंटर के संचालन के लिए सहायक प्रोग्रामर शिवानंद राठौर, प्राची चंद्रा और रेचल प्रधान सहित अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी भी निर्धारित की है। धान खरीदी प्रक्रिया पर लगातार नजर रखने के लिए यह व्यवस्था पूरे खरीफ विपणन सत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
