सोशल मीडिया पर फर्जी पत्रकारिता और ब्लैकमेलिंग का मुद्दा उठाया, प्रेस लिखे वाहनों व फर्जी आईडी की जांच कराने की भी मांग
कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: पत्रकारिता की आड़ में कथित तौर पर अवैध वसूली, ब्लैकमेलिंग और लोगों को डराने-धमकाने की बढ़ती शिकायतों को लेकर कोरबा प्रेस क्लब ने प्रशासन के समक्ष अपनी चिंता जाहिर की है। प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने कलेक्टर कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी को ज्ञापन सौंपकर ऐसे मामलों में प्रभावी जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्रेस क्लब ने ज्ञापन में कहा है कि इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कुछ लोग स्वयं को पत्रकार या न्यूज पोर्टल संचालक बताकर अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। आरोप है कि इनमें से कुछ लोग समाचार प्रकाशित करने अथवा किसी के खिलाफ खबर प्रसारित करने की धमकी देकर आम नागरिकों, व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों पर दबाव बनाते हैं। विज्ञापन या अन्य माध्यमों से आर्थिक लाभ लेने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
फर्जी पत्रकारिता से वास्तविक पत्रकारों की छवि प्रभावित
प्रेस क्लब ने प्रशासन का ध्यान इस ओर भी आकर्षित कराया कि कुछ आपराधिक पृष्ठभूमि के लोग डिजिटल पोर्टल शुरू कर पत्रकारिता की पहचान का इस्तेमाल कर रहे हैं। ज्ञापन में ऐसे लोगों की गतिविधियों और उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जांच की आवश्यकता जताई गई है। प्रेस क्लब का कहना है कि इस तरह की कथित गतिविधियों से आम लोगों और कारोबारी वर्ग में असहजता पैदा हो रही है, वहीं निष्पक्ष एवं जिम्मेदारी से पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है।
प्रेस लिखे वाहनों और फर्जी प्रेस आईडी की जांच की मांग
कोरबा प्रेस क्लब ने अपने ज्ञापन में पांच प्रमुख बिंदुओं पर कार्रवाई का आग्रह किया है। इनमें खबर प्रकाशित करने की धमकी देकर विज्ञापन या पैसे मांगने वालों के विरुद्ध शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई, प्रेस लिखे दोपहिया और चारपहिया वाहनों की जांच तथा फर्जी प्रेस आईडी जारी करने वाली संस्थाओं की पड़ताल शामिल है।
इसके अलावा सोशल मीडिया पर भ्रामक, एकपक्षीय और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करने वाली सामग्री के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है। प्रेस क्लब ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी नियामक व्यवस्था के नाम पर वास्तविक डिजिटल पत्रकारों, स्वतंत्र पत्रकारों और समाचार संस्थानों के अधिकार प्रभावित नहीं होने चाहिए। कार्रवाई का आधार प्रमाणित गैरकानूनी गतिविधियां होनी चाहिए, न कि किसी खबर से असहमति।
राज्य स्तर पर समन्वित व्यवस्था बनाने का सुझाव
प्रेस क्लब ने कलेक्टर और एसपी से आग्रह किया कि इस गंभीर विषय पर पुलिस प्रशासन, संबंधित विभागों और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर प्रभावी निगरानी एवं शिकायत निवारण तंत्र विकसित किया जाए, ताकि पत्रकारिता के नाम पर कथित अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके और वास्तविक पत्रकारों की गरिमा एवं स्वतंत्रता सुरक्षित रहे।
इस दौरान कोरबा प्रेस क्लब अध्यक्ष नौशाद खान, संरक्षक कमलेश यादव, उपाध्यक्ष राजकुमार शाह, सचिव दिनेश राज, उप सचिव हरीश तिवारी, कार्यकारिणी सदस्य नवाब हुसैन एवं राजेश मिश्रा (मिठ्ठू) सहित क्लब के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
