कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा जिले के रजगामार चौकी क्षेत्र के कोरकोमा गांव में एक ही घटनाक्रम से जुड़ी मौतों का मामला लगातार गहराता जा रहा है। मंगलवार को तीसरे व्यक्ति ने दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या अब तीन हो गई है। हालांकि, मौत का कारण लेकर अलग-अलग दावे हो रहे हैं-पुलिस इसे फूड प्वाइजनिंग मान रही है, जबकि मृतकों के परिजन जहरीली महुआ शराब को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
31 जुलाई को गांव में पूजा-पाठ का आयोजन हुआ था। इसमें शामिल जेल सिंह (27साल), रजमीन बाई (62साल), राजाराम (52), चमेली बाई (48साल) और राजकुमार (58साल) ने कार्यक्रम में परोसा गया मुर्गा-भात खाया और साथ में शराब भी पी। भोजन और शराब सेवन के कुछ घंटों बाद ही सभी की तबीयत बिगड़ने लगी -उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत के साथ।
स्थिति बिगड़ने पर पांचों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान रजमीन बाई और जेल सिंह की मौत हो गई, जबकि राजाराम, राजकुमार और चमेली बाई का इलाज जारी रहा। इलाज के दौरान मंगलवार को राजाराम ने भी दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि मृतक के दामाद की मौत इससे पहले ही हो चुकी थी। अब गांव में इस मामले को लेकर दहशत और आक्रोश दोनों है।
परिजनों का आरोप
मृतक राजाराम की पत्नी शिवा बाई का कहना है कि उनके पति और बाकी लोग मुर्गा-भात के साथ शराब भी पिए थे, लेकिन असली वजह जहरीली महुआ शराब है। उनका दावा है कि जेल सिंह ने मुर्गा-भात खाया ही नहीं था, वह सिर्फ महुआ शराब पीने के बाद बीमार हुआ था और उसकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस जहरीली शराब के पहलू को नजरअंदाज कर रही है, जबकि यह जांच का मुख्य बिंदु होना चाहिए। उनका मानना है कि सही जांच से जहरीली शराब के अवैध रैकेट का पर्दाफाश हो सकता है।
कोरबा के सीएसपी भूषण एक्का ने कहा है कि अब तक की जांच में मामला फूड प्वाइजनिंग का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पुलिस आगे की जांच जारी रखे हुए है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
लगातार मौतों से गांव में मातम का माहौल है। लोग जहरीली शराब को लेकर दहशत में हैं और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, यह भी चर्चा है कि अगर यह मामला फूड प्वाइजनिंग का है, तो यह किस तरह हुआ और किसने जिम्मेदारी निभाई, इसकी सच्चाई भी सामने आनी चाहिए।
