कटघोरा जंगल में मिली महिला की लाश के मामले में बड़ा खुलासा, भतीजे ने ही उतारा था मौत के घाट, इस वजह से दिया था वारदात को अंजाम…..

By Atul Yadav - Editor
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कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज:  कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मानिकपुर के डांघी आमा निवासी 35 वर्षीय नंदबाई की रविवार को मानगुरु के पहाड़ में लाश मिली थी। इस अंधेकत्ल की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। हत्या किसी और ने नहीं बल्कि मृतका के रिश्ते के भतीजे सुरेंद्र कुमार पोर्ते ने ही की थी और लाश को ठिकाने लगाया था। मामले में पुलिस ने आरोपी भतीजे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला कटघोरा थाना क्षेत्र के ग्राम मानपुर का है। जहां ग्राम मानपुर निवासी नंदबाई 35 वर्ष पति उत्तम सिंह रविवार की दोपहर लगभग 3 बजे अपने घर से धान का थरहा लेने जाने के नाम पर घर से निकली थी लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला और वह घर नहीं लौटी। परिजनों ने आसपास व परिचितों के यहां उसकी खोजबीन की लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका। जिसके बाद पूरी रात नंदबाई अपने घर वापस नहीं लौटी। इसके उपरांत परिजन उसकी खोजबीन में जुटे हुए थे। इसी बीच सोमवार की दोपहर नंदबाई की लाश कटघोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत मानपुर के पहाड़ पर मिली।

लाश मिलेने की सूचना पर कटघोरा थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी व फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम मौके पर पहुंची। मानगुरू जंगल में महिला का शव मिलने की सूचना पर सीन ऑफ क्राईम मोबाइल यूनिट कोरबा से वैज्ञानिक अधिकारी डॉ राजश्री सिंह प्रधान आरक्षक हेमंत चौहान, आरक्षक राजेश कुमार चंद्रा घटनास्थल पहुंचे। घटनास्थल एवं शव का बारीकी से निरीक्षण किया गया। मृतका सिर के दाहिने तरफ, पीठ में, दोनों हाथ में दोनों पैर में चोट के निशान एवं खून के निशान मिले, प्रथम दृष्टया मामला हत्या कर साक्ष्य छिपाने की नियत से घटना को अंजाम दिया जाना प्रतीत हुआ। घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एवं प्रदर्श संकलित कर एफएसएल परीक्षण हेतु भेजने एवं पोस्टमॉर्टम कराने निर्देशित किया गया था।

वहीं आरोपी की लगातार पता तलाश की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस ने संदेह होने पर मृतका के भतीजे को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ किया गया। जहां मामले का खुलासा हुआ कि नंदबाई उम्र (35 वर्ष) और उसके भतीजे सुरेंद्र कुमार पोर्ते उम्र (20 वर्ष) के बीच पिछले दो वर्षों से प्रेम संबंध चला आ रहा था। दोनों के बीच कई बार शारीरिक संबंध भी बने। इस बीच संतोष किसी अन्य युवती से प्रेम करने लगा और उससे विवाह करने की तैयारी में था लेकिन यह बात नंदबाई को नागवार गुजरी। उसने संतोष पर दबाव बनाया कि वह उसी के साथ रहे और किसी और से शादी न करे। लगातार दबाव और झगड़े से संतोष तनाव में रहने लगा और उसने अपनी चाची नंदबाई को रास्ते से हटाने के लिए मानगुरु के पहाड़ में जाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। आरोपी के अपराध स्वीकार के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया है।

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