कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा जिले से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। नगर सेना (होमगार्ड) के एक जवान ने कथित मानसिक प्रताड़ना और बर्खास्तगी की धमकियों से आहत होकर आत्महत्या की कोशिश की है। जवान ने कलेक्टर परिसर में जहरीले पदार्थ का सेवन किया जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद लोगों की सूचना पर उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा में भर्ती कराया गया जहां उसका इलाज जारी है।

जानकारी के अनुसार पीड़ित नगर सैनिक का नाम संतोष पटेल है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। वहीं संतोष पटेल के पास से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया है। सुसाइड नोट में उसने डिविजनल कमांडेंट और कोरबा कमांडेंट पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। जवान ने लिखा है कि लगातार दबाव, अपमान और बर्खास्त करने की धमकियों के चलते वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका था।
नोट में यह भी उल्लेख किया गया है कि उसने अपनी समस्या को लेकर पहले भी जिला प्रशासन के समक्ष शिकायत रखी थी और इस संबंध में बैठक भी हुई थी लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। सुसाइड नोट के अनुसार उसे कई बार अकेले में बुलाकर मानसिक रूप से दबाव बनाया गया और कहा गया कि वह अधिकारियों के खिलाफ “नेतागिरी” कर रहा है।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉ. शशिकांत भास्कर ने बताया कि मरीज को अस्पताल लाते ही प्राथमिक उपचार के तहत पहले पेट की सफाई कराई गई, इसके बाद उसका इलाज शुरू किया गया। फिलहाल मरीज की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही महिला नगर सैनिकों द्वारा जिला सेनानी के खिलाफ विशाखा समिति में कार्यस्थल पर उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई गई थी। वहीं इससे पहले राजनांदगांव जिले में भी एक नगर सैनिक द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना सामने आ चुकी है। इन घटनाओं ने नगर सेना विभाग की कार्यप्रणाली और आंतरिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस सुसाइड नोट, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। जिला प्रशासन की ओर से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

