कोरबा के दो ऐसे गांव जहां 100 सालों से नहीं खेली गई होली, जानें आखिर क्या है वजह….
कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: होली जहां रंग, गुलाल और होलिका दहन का पर्व माना जाता है, वहीं कोरबा जिले के धमनागुड़ी और खरहरी गांवों में यह त्योहार सादगी और आस्था के साथ मनाया जाता है। यहां वर्षों से न तो होलिका दहन होता है और न ही रंग खेला जाता है।
ग्रामीणों के मुताबिक यह परंपरा उनके पूर्वजों की मान्यता से जुड़ी है। गांव में लोग पूजा-पाठ कर त्योहार मनाते हैं, लेकिन आग जलाने और रंग लगाने से परहेज करते हैं। मान्यता है कि होली खेलने से अनहोनी की आशंका बढ़ सकती है।
स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि करीब 100 सालों से यह परंपरा चली आ रही है। कुछ वर्ष पहले रंग खेलने की कोशिश के बाद आगजनी की घटना होने से ग्रामीणों का विश्वास और मजबूत हो गया।
आज भी यदि कोई बाहर होली खेलकर गांव लौटता है तो उससे पूछताछ की जाती है। ग्रामीणों का मानना है कि यह परंपरा गांव की सुरक्षा और आस्था से जुड़ी हुई है।
