कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: एसईसीएल की मानिकपुर विस्तार परियोजना को लेकर प्रस्तावित पर्यावरणीय जनसुनवाई फिलहाल टल गई है। 21 अगस्त को होने वाली जनसुनवाई को जिला कलेक्टर के निर्देश पर अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। जनसुनवाई से पहले ही प्रभावित ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और श्रमिक संगठनों ने पुराने मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार से जुड़े मामलों के निराकरण की मांग उठाई थी।

एसईसीएल के पीआरओ डॉ. शनिश चंद्र ने जनसुनवाई स्थगित किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जनसुनवाई को लेकर कई आपत्तियां सामने आई थीं। इनमें वर्षों से लंबित मामलों पर पहले चर्चा और उनका समाधान करने की मांग प्रमुख थी। प्रशासन के निर्देश के बाद अब इन मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद ही जनसुनवाई की अगली तारीख और आगे की प्रक्रिया तय होगी।
1964 के भूमि अधिग्रहण का मुद्दा फिर उठा
मानिकपुर विस्तार परियोजना को लेकर सबसे बड़ा विवाद पुराने भू-अधिग्रहण और विस्थापन से जुड़े मामलों का है। ग्रामीणों का कहना है कि 1964 में जमीन अधिग्रहण के बावजूद कई प्रभावित परिवारों को अब तक उचित मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार का लाभ नहीं मिल सका है।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने इन्हीं पुराने मामलों का समाधान किए बिना नई पर्यावरणीय जनसुनवाई कराने पर सवाल उठाए थे। पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, श्रमिक संगठनों और प्रभावित गांवों के लोगों ने भी इस मुद्दे पर आपत्ति दर्ज कराई थी।
रोजगार को लेकर भी उठी मांग
दादर खुर्द समेत प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों और भू-विस्थापित संगठन ने जनसुनवाई के विरोध में लोगों से संपर्क कर आंदोलन की तैयारी की थी। वहीं, पार्षदों और बीएमएस यूनियन के प्रतिनिधियों ने मानिकपुर के महाप्रबंधक सुशील गर्ग से मुलाकात कर विस्थापित परिवारों के रोजगार का मुद्दा उठाया।
बैठक में मानिकपुर क्षेत्र में काम करने वाली निजी कंपनियों में भूमि विस्थापितों को प्राथमिकता देने की मांग रखी गई। करीब 500 लोगों को निजी कंपनियों में रोजगार देने और ठेकेदारी के काम में भी भू-विस्थापितों को प्राथमिकता देने को लेकर सहमति बनने की बात सामने आई है।
फिलहाल प्रशासन ने जनसुनवाई को स्थगित कर दिया है। अब निगाह इस बात पर है कि लंबित मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार से जुड़े मामलों पर क्या निर्णय होता है और इसके बाद मानिकपुर विस्तार परियोजना की अगली जनसुनवाई कब आयोजित की जाती है।
