दीपका में बारिश में भी नहीं थमा प्रदर्शन, ACB समूह की गतिविधियों की जांच की मांग तेज, देखें वीडियो….

By Atul Yadav - Editor
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दीपका/कोरबा:  ACB समूह से जुड़ी कोयला वाशरियों, ताप विद्युत परियोजनाओं, कोयला परिवहन और अन्य औद्योगिक गतिविधियों को लेकर भारतीय जनाधिकार पार्टी ने जांच की मांग को लेकर दीपका में बड़ा प्रदर्शन किया। लगातार बारिश के बावजूद पार्टी कार्यकर्ता और प्रभावित ग्रामीण करीब छह घंटे तक धरने पर बैठे रहे।

सुबह 11 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन शाम 5 बजे तक चला। प्रदर्शनकारियों ने वर्ष 1999 से अब तक की औद्योगिक गतिविधियों, कोयला परिवहन, पर्यावरणीय अनुपालन और वित्तीय लेन-देन की स्वतंत्र जांच की मांग उठाई। आंदोलन के बाद तहसीलदार दीपका अभिजीत राज भानु के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न जिम्मेदार अधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

पार्टी का आरोप है कि कोयला खदानों से वाशरी, रेलवे साइडिंग और ताप विद्युत संयंत्रों तक हुए परिवहन का स्वतंत्र तरीके से मिलान कराया जाना चाहिए। इसके साथ ही रिजेक्ट कोयले की आड़ में कोयले के संभावित विचलन, तौल कांटों के रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की भी फोरेंसिक जांच कराने की मांग की गई है।

ज्ञापन में पर्यावरणीय मानकों, जल दोहन, वायु एवं जल प्रदूषण तथा प्रभावित क्षेत्रों में कृषि और जनस्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने की मांग भी शामिल है। पार्टी ने औद्योगिक ईंधन की खरीद-बिक्री, ई-वे बिल और कथित टैक्स लाभों की वर्षवार जांच का मुद्दा भी उठाया।

इसके अलावा ACB समूह से संबंधित MCCPL के JSW Energy के साथ हुए लगभग 1,410 करोड़ रुपये के सौदे की परिसंपत्तियों, कोयला लिंकेज और वित्तीय दायित्वों से जुड़े Due Diligence की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई।

भारतीय जनाधिकार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक दुबे ने कहा कि उनकी मांगें जनता के स्वास्थ्य, पर्यावरण और सार्वजनिक संसाधनों से जुड़े विषयों पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

आगे की रणनीति घोषित

पार्टी ने आगामी आंदोलन का कार्यक्रम भी घोषित किया है। 11 सितंबर 2026 को बिलासपुर स्थित SECL मुख्यालय के CMD कार्यालय के सामने महाघेराव और धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की गई है। वहीं 2 अक्टूबर को दीपका-गेवरा क्षेत्र में ‘इंसानियत सभा’ आयोजित करने की बात कही गई है। प्रदर्शन में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आसपास के प्रभावित गांवों के ग्रामीण शामिल हुए।

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