न पंख, न पैर, फिर भी हवा में करता है ग्लाइड…. चलते ट्रक के साथ कोरबा पहुंचा दुर्लभ ‘फ्लाइंग स्नेक’, देखें वीडियो….

By Atul Yadav - Editor
4 Min Read

कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा जिले के टीपी नगर स्थित ट्रक स्टैंड में शुक्रवार को उस वक्त लोगों की भीड़ जुट गई, जब एक ट्रक के पीछे हाइड्रोलिक मशीन के पास बेहद खूबसूरत और रंग-बिरंगा सांप नजर आया। सामान्य सांपों से अलग दिख रहे इस वन्यजीव को देखकर ट्रक चालक अनिल निषाद भी हैरान रह गए। उन्होंने बिना जोखिम लिए तत्काल वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद RCRS (Reptile Care and Rescuer Society) की टीम मौके पर पहुंची।

मौके पर पहुंचे RCRS अध्यक्ष अविनाश यादव के साथ मनस, उमेश, सौम्य और अतुल की टीम ने सांप की पहचान फ्लाइंग स्नेक (Flying Snake) के रूप में की। इसकी असाधारण बनावट और आकर्षक रंग के कारण मौके पर मौजूद लोगों में भी काफी उत्सुकता देखने को मिली।

मशीनरी के बीच फंसा था सांप, रेस्क्यू करना था चुनौतीपूर्ण

बताया गया कि सांप ट्रक के पिछले हिस्से में लगी हाइड्रोलिक मशीन के पास बैठा हुआ था। ऐसे स्थान से उसे निकालना आसान नहीं था। जरा सी हलचल होने पर सांप मशीनरी के अंदर जा सकता था, जिससे उसे ढूंढना मुश्किल हो जाता। मशीन चालू होने की स्थिति में उसके घायल होने या दबने का भी खतरा था। RCRS टीम ने बेहद सावधानी के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया और सांप को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

रेस्क्यू की जानकारी कोरबा वनमंडल अधिकारी जितेंद्र उपाध्याय को दी गई। उनके दिशा-निर्देश और उपवन मंडल अधिकारी सूर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में वन्यजीव रेस्क्यू के निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया गया।

धरमजयगढ़ से कोरबा तक ट्रक के साथ तय किया सफर!

ट्रक चालक अनिल निषाद से पूछताछ में पता चला कि ट्रक सामान लेकर धरमजयगढ़, छाल और घरघोड़ा होते हुए कोरबा पहुंचा था। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि फ्लाइंग स्नेक रास्ते में किसी स्थान से ट्रक पर चढ़ गया होगा और चलते वाहन के साथ सफर करते हुए कोरबा तक पहुंच गया।

समय रहते चालक की नजर सांप पर पड़ गई। सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू टीम भी तत्काल मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित निकाल लिया। रेस्क्यू के बाद सांप को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।

क्या होता है फ्लाइंग स्नेक?

फ्लाइंग स्नेक यानी उड़ने वाला सांप वास्तव में पक्षियों की तरह उड़ता नहीं है, बल्कि पेड़ों के बीच ग्लाइड करता है। यह ऊंचाई से छलांग लगाने के बाद अपने शरीर को चपटा और चौड़ा कर लेता है। शरीर को लहराते हुए यह हवा में अपनी दिशा नियंत्रित करता है और दूसरे पेड़ या स्थान तक पहुंच जाता है।

भारत में Chrysopelea वंश के फ्लाइंग स्नेक पाए जाते हैं। पेड़ों पर रहने की आदत और शरीर की विशेष बनावट इन्हें अन्य सांपों से अलग बनाती है।

वन विभाग और RCRS की अपील

वन विभाग एवं RCRS टीम ने लोगों से अपील की है कि घर, सड़क, ट्रक स्टैंड या किसी अन्य स्थान पर वन्यजीव दिखाई देने पर उसे पकड़ने या मारने की कोशिश न करें। सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तत्काल वन विभाग अथवा प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें। समय पर दी गई सूचना वन्यजीव की जान बचाने के साथ-साथ लोगों को भी संभावित खतरे से सुरक्षित रख सकती है।

वन्यजीव रेस्क्यू हेल्पलाइन:
अविनाश यादव: 9827917848
7987957958

Share This Article