कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में हसदेव नदी में लापता आरक्षक सुनील बेक का शव दो दिन की तलाश के बाद बरामद किया गया है। मोरगा चौकी क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की और परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल मौत के पीछे की परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं। पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।

पुल पर खड़ी मिली बाइक, नदी में तलाश के बाद मिला शव
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को सुनील बेक हसदेव नदी के पुल पर अपनी बाइक खड़ी कर नदी में कूद गए थे। पुल पर खड़ी उनकी बाइक (सीजी 14 एमएक्स 1898) से मोबाइल फोन, पर्स, पुलिस का पहचान पत्र और आधार कार्ड बरामद हुए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन और नगर सेना की रेस्क्यू टीम ने नदी में तलाश अभियान शुरू किया। लगातार दो दिनों तक खोजबीन के बाद उनका शव मिला।
सरगुजा जिले में पदस्थ थे आरक्षक
मृतक सुनील बेक की उम्र 31 वर्ष थी। वे सरगुजा जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र की तारापुर चौकी में आरक्षक के पद पर पदस्थ थे। वे शादीशुदा थे और उनके परिवार में पत्नी व बच्चे हैं। उनकी मौत की खबर से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंका
परिजनों ने पुलिस को दिए बयान में सुनील बेक के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई है। उनका मानना है कि घटना के पीछे कोई अन्य कारण भी हो सकता है। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए पुलिस जांच कर रही है। हालांकि, अब तक ऐसा कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है, जिससे घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सके।
मोरगा चौकी पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल पर मिली बाइक, मोबाइल और अन्य दस्तावेजों के आधार पर जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि सुनील बेक किन परिस्थितियों में नदी तक पहुंचे और उनकी मौत के पीछे क्या वजह रही। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो पाएंगी।
