कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा स्थित ट्रांसपोर्ट नगर के होटल स्टार इन में शनिवार शाम प्रार्थना सभा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कथित धर्मांतरण की आशंका जताते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने होटल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और होटल परिसर में कुछ लोगों के बीच मारपीट हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि, खबर लिखे जाने तक धर्मांतरण के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
15 कमरों की बुकिंग, करीब 40 लोगों के ठहरने की जानकारी
जानकारी के अनुसार जॉन मसीह नामक व्यक्ति ने होटल स्टार इन में 15 कमरे बुक कराए थे। इन कमरों में लाफा, पाली, कटघोरा सहित आसपास के विभिन्न ग्रामीण इलाकों से आए करीब 40 लोगों के ठहरने की बात सामने आई है। इनमें सतनामी और गोंड़ समुदाय के परिवार भी शामिल बताए जा रहे हैं।
शनिवार शाम होटल में प्रार्थना सभा आयोजित होने की सूचना मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ता वहां पहुंचे और गतिविधियों पर आपत्ति जताई। इसके बाद होटल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी और सीएसईबी चौकी प्रभारी ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
बजरंग दल ने लगाए धर्मांतरण की कोशिश के आरोप
बजरंग दल के जिला प्रमुख राणा मुखर्जी ने आरोप लगाया कि ईसाई मिशनरी कथित तौर पर प्रलोभन देकर हिंदू परिवारों का धर्मांतरण कराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रचार सामग्री के साथ पहुंची टीम शहरी क्षेत्र में लोगों से संपर्क कर रही थी।
मुखर्जी ने एसईसीएल के मानिकपुर क्षेत्र में एक मकान में कथित तौर पर चर्च संचालित किए जाने का आरोप भी लगाया। उनके अनुसार, इस स्थान को इंडियन प्रेयर चर्च (आईपीसी) नाम दिया गया है और यहां से धर्मांतरण संबंधी गतिविधियां संचालित होने की आशंका है।
इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित गतिविधियों की वास्तविक प्रकृति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
होटल में मारपीट का वीडियो वायरल
विवाद के दौरान होटल परिसर में हाथापाई होने की जानकारी सामने आई है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कुछ लोग दूसरे लोगों के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वीडियो के पूरे घटनाक्रम और उसमें शामिल लोगों की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति शांत कराई। बजरंग दल की ओर से पूरे मामले को लेकर पुलिस में शिकायत किए जाने की बात कही गई है।
पहचान पत्र नहीं लेने का भी आरोप
राणा मुखर्जी ने आरोप लगाया कि होटल में ठहरे लोगों से आधार कार्ड या अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं लिए गए थे। इस दावे की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। होटल की बुकिंग, ठहरे लोगों की पहचान और प्रार्थना सभा से जुड़ी परिस्थितियों के संबंध में उपलब्ध तथ्यों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल मामले में सबसे अहम पहलू यह है कि धर्मांतरण के आरोप अभी प्रमाणित नहीं हुए हैं। पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों के बयानों के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
