सीजी एनएन 24 न्यूज़ कोरबा :- उतरदा निवासी मनमोहन राठौर लगातार 2017 से छात्र हित कि लड़ाई लड़ते आ रहे है और छात्रों के लिए तत्पर रहते हैं चाहे वह कोरोना काल में कॉलेज की परीक्षा शुल्क वापस करने की बात हो, या ऑनलाइन पेपर की मांग हो, वहीं ग्रामीण अंचल के पढ़ने वाले हरदी बाजार के छात्र-छात्राओं के लिए कंप्यूटर कोर्स (पीजीडीसीए) का मांग हो,
या बीकॉम कर छात्र-छात्राएं यहां वहां भटकते रहते और माता-पिता का पैसा अधिक खर्च होता था जिसे मनमोहन से नहीं देखा गया तो हरदी बाजार कॉलेज में mcom खुलवाने का मांग हो,
और तो और आम जानो को लगातार सेवा भाव से जागरूक करने के लिए कॉलेज में पंचायत में रक्तदान शिविर लगाकर जरूरतमंदों को रक्त दिलाने का भी काम कर रहे है,
वही कोरबा जिला के प्रवाटे कंपनियों में रोजगार दिलाने का बात हो,या पेट्रोल डीजल के बढ़ रहे दम के खिलाफ मनमोहन ने 65 किलोमीटर पैदल यात्रा भी किया, वही बिजली बिल के बढ़ते दम के खिपाल प्रदर्शन भी किए,
*अभी कुछ दिन पहले छात्र हित की लड़ाई में मनमोहन राठौर जेल भी गए*
लगातार आम जनों से मुलाकात कर एवं लोगों के बीच रहते लोगों को जागरूक करने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम में, एवं घर घर छठी, नहवां , शादी में भी शामिल होते रहते है ,
तो क्या इस बार मनमोहन राठौर लड़ सकते हैं पंचायत चुनाव और लड़ेंगे तो क्या चुनाव और कहा से लड़ेंगे ,जनता का सेवा करने का अवसर मिलेगा कि नहीं ,
और तो और राजनीति में भी अच्छी पकड़ है 2018 में एनएसयूआई का ब्लॉक अध्यक्ष रहा , फिर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के ओबीसी अध्यक्ष रहे और अभी वर्तमान में एनएसयूआई (छात्र संगठन) का जिला अध्यक्ष और अपने पद के लिए निष्ठा पूर्वक काम कर रहा है यह साबित होता है
और सिर्फ यही नहीं छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश में कांग्रेस का एक सिर्फ सांसद जीते हैं जिसमें मनमोहन का भी बड़ा योगदान रहा, वही छत्तीसगढ़ विधानसभा नेता प्रतिपक्ष, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री, और कोरबा सांसद के बेहद गरीबी माने जाते हैं ,
तो क्या मनमोहन छात्र रहित के साथ-साथ आम जनों का सेवा करने का मौका मिलेगा आखिर क्या चुनाव लड़ सकता है और कहा से लड़ेगा चुनाव मनमोहन राठौर
क्या इस बार मनमोहन राठौर भी उतरेंगे पंचायत चुनाव में कहा से और क्या चुनाव लड़ेंगे…
