कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: एसईसीएल कुसमुंडा खदान से प्रभावित भूविस्थापित महिलाओं ने नौकरी की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया। आक्रोशित महिलाएं कुसमुंडा जीएम कार्यालय में साड़ी उतारकर अर्धनग्न प्रदर्शन करने लगे। महिलाओं ने अधिकारियों को चूड़ियां भी भेंट की। प्रबंधन के अधिकारियों की समझाइश के बाद भी महिलाएं अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे, जिसकी वजह से घंटों तक कार्यालय में माहौल गरमाया रहा।
एसईसीएल की कुसमुंडा मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के गेट पर सुबह से ही 20-25 महिलाएं एकत्र हो गईं थीं। इसके बाद आक्रोशित महिलाएं कार्यालय के भीतर दाखिल हुईं और अपनी मांगों को लेकर महिलाओं ने अर्धनग्न प्रदर्शन शुरु कर दिया। जिसकी वजह से प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ गई। महिलाओं के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए प्रबंधन के आला अधिकारी व सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें समझाइश का प्रयास किया, पर वह अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि उनकी जमीन पहले एसईसीएल ने अधिग्रहित की, लेकिन अब तक उन्हें रोजगार नहीं दिया गया है। भूविस्थापितों का रोजगार प्रकरण काफी लंबे अरसे से रुका हुआ हैं। जिसकी वजह से उन्हें आवेदन करते कई वर्ष गुजर गए पर भूविस्थापितों को रोजगार नहीं मिल सका है। भूविस्थापित महिलाओं ने आरोप लगाया है कि नौकरी की मांग को लेकर खदान में खदानबंदी आंदोलन भी किया गया, बावजूद इसके अब तक उनकी मांगों को लेकर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है।
जमीन अधिग्रहण के बाद नौकरी नहीं मिलने से उनके सामने अर्थिक तंगी की स्थिति निर्मित हो गई है। रोजगार के अभाव में उन्हें रोजी रोटी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। करीब आधा दर्जन गांव के 150 परिवार इस समस्या से प्रभावित हैं। इनमें सोनपुरी, बालिपडनिया, जटराज, अमगांव, बरकुटा, गेवरा बस्ती, खोडरी, भिलाई बाजार शामिल हैं। कई सालों से नौकरी की मांग को लेकर उन्होंने कई बार दस्तावेज जमा किए हैं। लेकिन कोई हल नहीं निकला।
वहीं प्रबंधन की वजह से आंदोलन के दौरान उन्हें पूर्व में भूविस्थापितों को जेल भी जाना पड़ा था। भूविस्थापित महिलाओं ने फर्जी तरीके से नौकरी करने का आरोप भी लगाया है। पात्र हितग्राही जगह दूसरे को नौकरी दे दी गई है। हमारी मांग है कि भूविस्थापित के स्थान पर फर्जी तरीके से लगे हुए व्यक्तियों को हटाया जाय। साथ ही असली वारिस को नौकरी दिया जाए। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। घंटों तक महिलाओं का प्रदर्शन जारी रहा जिसकी वजह से कार्यालयीन कार्य भी प्रभावित रहा।
