कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा जिले के SECL कुसमुंडा खदान में कोयला चोरी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। जांच कार्रवाई में चोरी का यह खेल पकड़ा गया, जिसमें 84 टन अवैध कोयला जब्त किया गया है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जो ओवरलोडिंग के जरिए कोयले की अवैध ढुलाई कर रहे थे।
दरअसल बुधवार की देर रात को कोयला खदान से कोयला लोड कर ट्रक खदान से बाहर निकले। इसे कुसमुंडा खदान प्रबंधन के रोड सेल के अधिकारियों ने देखा और उन्हें शक हुआ कि ट्रक ओवरलोडेड हैं। ट्रक रुकवा कर जांच की गई तो चारों ट्रकों को मिलाकर 84 टन कोयला अधिक होना पाया गया। ओवरलोडेड ट्रक पर वैधानिक कार्यवाही पूरी करने के बाद इन्हें कुसमुंडा पुलिस के सुपुर्द किया गया है। जहां चार ट्रक चालकों पर अलग-अलग धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
जांच में पता चला है कि यह कोयला खदान से अवैध तरीके से निकाला जा रहा था और कथित रूप से कुछ ट्रांसपोर्ट एजेंसियों की मिलीभगत से बाहर भेजा जा रहा था। जिन ट्रकों को पकड़ा गया है। वह सभी चारों ट्रक कोयला लोड कर बुधवार की रात को गुपचुप तरीके से खदान से बाहर निकाला जा रहा था। जिसपर रोड सेल विभाग के कुछ अधिकारियों की नजर पड़ी। ट्रक में कोयला काफी ऊंचाई तक भरा हुआ था। शक होने पर ट्रक को वे ब्रिज में भेजा गया।
दोबारा इसका वजन कराया गया तब एक ट्रेलर में 20 टन अतिरिक्त कोयला मिला। जब सभी ट्रकों का वजन कराया गया। तब इन चारों ट्रक में कुल 84 टन कोयला अतिरिक्त मिला। इसकी लिखित सूचना कुसमुंडा खदान प्रबंधन ने पुलिस को दी, जिसपर कार्यवाही करते हुए पुलिस ने ट्रक क्रमांक (सीजी 10 बीटी 2153), (सीजी 10 बीटी 3353), (सीजी 10 बीटी 2553), और (सीजी 10 बीटी 3453) को जप्त कर लिया है। पुलिस ने चारों आरोपी मूलचंद जायसवाल, रमेश कुमार कुशवाहा, प्रवेश कुमार जायसवाल और एक अन्य ड्राइवर के खिलाफ अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
कुसमुंडा खदान से रोजाना हजारों ट्रक कोयला लेकर बाहर निकलते हैं। इतनी बड़ी आवाजाही के बीच लंबे समय से प्रबंधन की आंखों में धूल झोंककर कोयले की अफरा-तफरी और चोरी की खबरें आती रही हैं। छत्तीसगढ़ में बड़े कोल स्कैम का भी खुलासा हो चुका है, जिसमें कोयले के अवैध कारोबार से जुड़े कई बड़े नाम जांच के दायरे में हैं। ऐसे में कुसमुंडा खदान में पकड़ा गया यह मामला भी उसी नेटवर्क की एक कड़ी माना जा रहा है।
