कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: SECL कुसमुंडा खदान में मंगलवार सुबह 8:15 बजे की गई ब्लास्टिंग का वीडियो सामने आया है, जिसके बाद चार गांवों के लोग प्रभावित हुए। ग्रामीणों ने इस ब्लास्टिंग को नियम विरुद्ध बताते हुए कंपनी और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया है।

सुबह-सुबह ब्लास्टिंग, नियमों का उल्लंघन
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खदान प्रबंधन ने तय समय और नियमों की अनदेखी की। नियमों के अनुसार ब्लास्टिंग दोपहर 2 बजे होनी चाहिए थी, लेकिन इसे सुबह ही कर दिया गया। इतना ही नहीं, खदान क्षेत्र से 3 किलोमीटर का दायरा खाली कराना अनिवार्य है, लेकिन लोगों को पहले से सूचित नहीं किया गया। इसी लापरवाही के चलते जटराज गांव के एक घर में दरारें आ गईं। इसके अलावा सोनपुरी, पाली और पडनिया समेत आसपास के गांव इस विस्फोट से प्रभावित हुए। ब्लास्टिंग के विरोध में ग्रामीणों ने SECL और प्रशासनिक टीम को घेर लिया।
प्रशासनिक टीम का घेराव
इसी बीच हरदीबाजार अस्पताल मोहल्ले में जमीन नापने पहुंचे SECL और प्रशासन की टीम को भी ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान सरपंच लोकेश्वर कंवर, पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर और भाजपा जिला मंत्री अजय दुबे भी मौके पर मौजूद थे। ग्रामीणों ने कहा कि त्रिपक्षीय वार्ता को धोखा देकर खदान प्रबंधन ने जमीन नापने की कार्रवाई शुरू कर दी। विरोध के चलते प्रशासनिक अमले को पीछे के रास्ते से वापस लौटना पड़ा।
मुआवजा और पुनर्वास पर नाराजगी
ग्रामीणों का आरोप है कि खदान के लिए उनकी जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है, लेकिन अब तक न तो मुआवजा दिया गया और न ही नौकरी या पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराई गई। प्रभावितों का कहना है कि तहसील पाली में हुई त्रिपक्षीय बैठक में 7 सूत्रीय मांगें रखी गई थीं, जिनमें उचित मुआवजा, रोजगार और सुविधाओं वाली बसाहट शामिल थीं। लोगों ने साफ कहा कि बिना लिखित सहमति के कोई भी कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी
