कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री बनवारी लाल अग्रवाल का आज 78 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन से कोरबा जिले सहित समूचे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों, शुभचिंतकों और भाजपा नेताओं ने उनके आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।
कोरबा भाजपा इकाई ने उनके निधन की पुष्टि की है। श्री अग्रवाल लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उनका उपचार बालको स्थित एक अस्पताल में चल रहा था। बुधवार देर शाम उन्होंने अंतिम सांस ली।

राजनीतिक जीवन और योगदान:
बनवारी लाल अग्रवाल छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम विधानसभा उपाध्यक्ष थे। 28 मार्च 2001 को वे इस पद पर नियुक्त हुए। विशेष बात यह रही कि वे भाजपा से होने के बावजूद तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री अजीत जोगी (कांग्रेस) द्वारा इस पद पर मनोनीत किए गए थे। यहीं से छत्तीसगढ़ में विपक्ष को विधानसभा उपाध्यक्ष का पद दिए जाने की राजनीतिक परंपरा की शुरुआत हुई, जो अब समाप्त हो चुकी है।
वे कोरबा जिले के कटघोरा विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक चुने गए। अपने सार्वजनिक जीवन में उन्होंने सादगी, ईमानदारी और निष्पक्षता को हमेशा प्राथमिकता दी। राजनीति में उनकी शुरुआत जनसंघ काल से हुई थी।
शिक्षा एवं प्रारंभिक जीवन:
श्री अग्रवाल एक शिक्षित एवं जागरूक नेता रहे। उन्होंने रायपुर विश्वविद्यालय से एम.एससी., बी.एड. और एलएलबी की डिग्रियाँ प्राप्त की थीं। राजनीति में आने से पूर्व वे पेशे से वकील थे और समाज के वंचित वर्गों, विशेष रूप से गरीबों और श्रमिकों के हक़ के लिए आवाज़ उठाने वाले नेताओं में गिने जाते थे।
उनका जनसंपर्क अत्यंत मजबूत था और वे आम जनमानस में अपनी सरलता और सहज व्यवहार के लिए लोकप्रिय थे।
प्रदेश ने एक सच्चे जनसेवक को खो दिया
श्री बनवारी लाल अग्रवाल का जाना न केवल भारतीय जनता पार्टी के लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी स्मृतियाँ, विचार और कार्य आज भी कार्यकर्ताओं एवं जनता के बीच प्रेरणा के स्रोत बने हुए हैं।
ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें एवं शोक संतप्त परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति दे। ॐ शांति।
