कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: जिले के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शुक्रवार को प्रसव के दौरान एक नवजात शिशु की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह एक चिकित्सकीय जटिलता थी, न कि लापरवाही।
यह पूरा मामला जिला अस्पताल का है। मृतक शिशु के पिता आशीष विश्वकर्मा (निवासी अयोध्यापुरी) ने अपनी पत्नी किरण विश्वकर्मा को शुक्रवार को प्रसव के लिए कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया था। उनका कहना है कि किरण की प्रसव तिथि बीत चुकी थी, इसलिए उन्होंने सुरक्षित डिलीवरी के लिए अस्पताल का रुख किया था। लेकिन डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत हो गई, जिससे परिजन आक्रोशित हो गए।
आशीष विश्वकर्मा ने दावा किया कि डॉक्टरों ने जबरदस्ती बच्चेदानी खोलने की कोशिश की। हाथ से प्रक्रिया करने के चलते अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और इसी दौरान बच्चे की मौत हो गई। उनका कहना है कि किरण के पहले दो प्रसव सामान्य हुए थे और यह प्रसव भी सामान्य हो सकता था। उन्होंने डॉक्टरों पर जल्दबाज़ी और गलत प्रक्रिया अपनाने का आरोप लगाया।
जिला अस्पताल के डॉक्टर आदित्य सिसोदिया ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रसव प्रक्रिया के दौरान चिकित्सकीय टीम ने पूरी सावधानी बरती थी। लेकिन प्रसूता की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाने के कारण स्थिति जटिल हो गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि नवजात की मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई है। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चे की मृत्यु गर्भ में ही दम घुटने से हुई थी।
अस्पताल प्रबंधन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया। मामले की रिपोर्ट जिला अस्पताल पुलिस चौकी को सौंपी गई है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में अब तक किसी तकनीकी लापरवाही के सबूत नहीं मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
