बीमा कंपनी की खारिज क्लेम पर रोक, उपभोक्ता आयोग ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस को 16.50 लाख भुगतान करने का दिया आदेश

By Atul Yadav - Editor
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कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज:   कोरबा के एक सड़क हादसे से जुड़े बीमा विवाद में जिला उपभोक्ता आयोग ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को आदेश दिया है कि वह मृतक के पिता को कुल 16.50 लाख रुपए का भुगतान करे। कंपनी ने दावा आवेदन दो साल देर से जमा होने का हवाला देकर इसे खारिज कर दिया था, लेकिन आयोग ने इस निर्णय को अनुचित माना।

हादसे में 45 महीने पहले हुई थी युवक की मौत

3 फरवरी 2022 को एनटीपीसी साडा कॉलोनी, जमनीपाली निवासी जयेश रोहन बेन अपने साथी के साथ बुलेट से दुर्ग के महाराजा चौक से बोरसी रोड की ओर जा रहे थे। तभी सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक ने उनकी बुलेट को टक्कर मार दी। हादसे में जयेश की मौके पर ही मौत हो गई।

उनकी बाइक यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस की Compulsory Personal Accident (Owner-Driver) पॉलिसी के तहत बीमित थी, जो दुर्घटना की तारीख पर पूर्णतः वैध थी। पॉलिसी में मृतक के पिता को नॉमिनी बनाया गया था।

दोहरे सदमे के कारण नहीं कर पाए समय पर दावा

दुर्घटना के समय से लगभग दो साल बाद 6 फरवरी 2024 को मृतक के पिता ने 15 लाख रुपए के CPA क्लेम के लिए आवेदन किया। उन्होंने आयोग को बताया कि बेटे की मौत से छह माह पहले पत्नी का निधन हो चुका था, जिस कारण वे मानसिक रूप से टूट गए थे और अवसाद में रहने लगे। इसी वजह से दावा करने में देर हुई।

कंपनी ने देरी का हवाला देकर किया दावा खारिज

बीमा कंपनी ने जांच अधिकारी नियुक्त कर दुर्घटना, पॉलिसी की वैधता और ड्राइविंग लाइसेंस सहित सभी तथ्यों की पुष्टि की। जांच में सब कुछ सही पाया गया, फिर भी कंपनी ने मामले की सूचना दो साल देर से मिलने का कारण बताकर मार्च 2025 में दावा खारिज कर दिया।

उपभोक्ता आयोग ने माना कि दावा देर से किया गया, लेकिन परिस्थितियाँ मानवीय थीं और बीमा कंपनी को क्लेम अस्वीकार करना उचित नहीं था। आयोग ने कंपनी को निम्नानुसार भुगतान करने का आदेश दिया— 15 लाख रुपए – बीमा दावा राशि, 50 हजार रुपए – आर्थिक क्षति, 50 हजार रुपए – मानसिक क्षति, 50 हजार रुपए – वाद व्यय व अन्य खर्च, कुल देय राशि: 16.50 लाख रुपए।

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