कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा और कटघोरा वन मंडल में हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है। हाथियों के झुंड के गांवों के नजदीक पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। कई गांवों में लोग पूरी रात जागकर अपनी फसलों और घरों की सुरक्षा में जुटे हैं।
कोरबा वन मंडल: दो रेंज में सक्रिय हाथियों के दल
कोरबा वन मंडल के करतला और बालकोनगर रेंज में हाथियों का भारी मूवमेंट देखा जा रहा है। बालको रेंज में 12 हाथियों का दल ग्राम सराईपाली में 10 किसानों की फसलों को नुकसान पहुँचाकर सोनगुड़ा की ओर बढ़ गया है। करतला रेंज में बोड़ाझाप के पास देखा गया हाथियों का दल अब सेंद्रीपाली जंगल में डेरा डाले हुए है।
वन विभाग टीम नुकसान का आकलन कर रही है। साथ ही अजगरबहार क्षेत्र में जाने की संभावना को देखते हुए वहां के कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है। मुनादी के माध्यम से ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश भी दिए जा रहे हैं।
कटघोरा वन मंडल: 53 हाथियों का विशाल झुंड
कटघोरा वन मंडल के ऐतमानगर रेंज में 53 हाथियों का एक बहुत बड़ा झुंड अब भी पचरा जंगल में मौजूद है। यह दल रात गिरते ही जंगल से निकलकर गांवों के नजदीक पहुंचता है और किसानों की धान की फसलों को रौंदते हुए वापस जंगल लौट जाता है।
दहशत में ग्रामीणों
पचरा ग्राम पंचायत में हाथियों की अचानक मौजूदगी से लोग डरे हुए हैं। ग्रामीणों ने रातभर कई जगहों पर आग जलाकर निगरानी की, साथ ही थाली बजाकर और मशाल दिखाकर हाथियों को गांव से दूर रखने का प्रयास किया।
स्थानीय किसानों का कहना है कि हाथियों के झुंड ने कई एकड़ में खड़ी धान की फसलें नष्ट कर दी हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। कुछ गांवों में हाथी घरों के पास तक पहुंच गए हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है।
वन विभाग पर लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतना बड़ा झुंड गांव के पास घूम रहा है, लेकिन विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो फसलों के साथ जान–माल का खतरा भी बढ़ सकता है।
