कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र की इमली छापर बस्ती में रेलवे द्वारा मकान तोड़ने के नोटिस जारी किए जाने के बाद शुक्रवार को हालात तनावपूर्ण हो गए। नोटिस के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे इलाके में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर रेलवे कर्मचारियों द्वारा बस्ती में घरों पर निशान लगाए गए और लोगों को जल्द मकान खाली करने के निर्देश दिए गए। इससे नाराज ग्रामीण इमली छापर चौक पर एकत्र हो गए और विरोध जताते हुए मुख्य सड़क जाम करने का प्रयास किया। मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी, जिसके बाद वे ट्रक मार्ग वाली सड़क पर बैठ गए। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति को संभालने दर्री तहसीलदार भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा की और रेलवे व जिला प्रशासन के साथ बैठक कर समाधान निकालने का भरोसा दिलाया। प्रशासनिक आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर सड़क खाली कर दी।
गौरतलब है कि इससे पहले भी रेलवे की ओर से कोरबा के इंदिरा नगर दुरपा बस्ती में लगभग 250 मकानों को हटाने के नोटिस जारी किए गए थे। उस समय आक्रोशित लोगों ने रेलवे स्टेशन का घेराव किया था और पवन टॉकीज के पास करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन किया था।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि उन्हें मकान खाली कराने से पहले वैकल्पिक आवास और उचित मुआवजा दिया जाए। विरोध के चलते रेलवे ने फिलहाल तोड़फोड़ की कार्रवाई रोक दी है और समय सीमा बढ़ा दी गई है, हालांकि समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है।
