कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा जिले में धान खरीदी व्यवस्था में लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। धान बिक्री के लिए टोकन जारी नहीं होने से मानसिक तनाव में आए किसान द्वारा आत्महत्या के प्रयास के मामले में कलेक्टर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित पटवारी को निलंबित कर दिया है। वहीं तहसीलदार और समिति प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
यह मामला हरदीबाजार तहसील के ग्राम कोरबी का है, जहां निवासी किसान सुमेर सिंह गोण ने रविवार रात कीटनाशक का सेवन कर आत्महत्या की कोशिश की। परिजनों ने उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के बाद उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
अस्पताल में भर्ती किसान की पत्नी ने बताया कि सुमेर सिंह काफी समय से धान बेचने के लिए टोकन कटवाने का प्रयास कर रहा था, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण उसका टोकन जारी नहीं हो पा रहा था। लगातार प्रयास के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से वह मानसिक रूप से परेशान हो गया और यह कदम उठा लिया।
मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर कुणाल दुदावत ने पूरे प्रकरण की जांच कराई। जांच में सामने आया कि डिजिटल फसल सर्वेक्षण में किसान की फसल धान के स्थान पर अन्य फसल दर्ज हो गई थी। यह त्रुटि भौतिक सत्यापन नहीं किए जाने के कारण हुई, जिसके चलते किसान का टोकन जारी नहीं हो सका।
कलेक्टर ने बताया कि धान खरीदी से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जिले में टोल फ्री नंबर के साथ अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। बीते दिनों 27 किसानों ने धान बिक्री में परेशानी की शिकायत दर्ज कराई थी, जिनमें सुमेर सिंह गोण भी शामिल था। सभी मामलों में संबंधित अधिकारियों और पटवारियों को भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए गए थे, लेकिन हरदीबाजार क्षेत्र की पटवारी द्वारा आदेश का पालन नहीं किया गया।
इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए पटवारी कामिनी कारे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही तहसीलदार और समिति प्रबंधक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
