स्कूल में गुम हुई सोने की बाली, 7 दिन बाद ‘टोटके’ के साथ पहुंचीं शिक्षिका; बच्चों को डराने का आरोप, निलंबित, देखें वीडियो…

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जांजगीर-चांपा/सीजी एनएन 24 न्यूज:   सरकारी स्कूल की एक शिक्षिका पर अंधविश्वास को बढ़ावा देने और छात्रों को डराने का आरोप लगा है। स्कूल परिसर में सोने की बाली गुम होने के सात दिन बाद शिक्षिका लाल कपड़े में नारियल, चावल और मौली का धागा लेकर स्कूल पहुंचीं। आरोप है कि उन्होंने बच्चों से बाली के बारे में जानकारी मांगी और नहीं बताने पर बीमारी आने जैसी बातें कहीं। मामले का वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए शिक्षिका को निलंबित कर दिया।

मामला बलौदा विकासखंड के काठापाली शासकीय प्राथमिक स्कूल का है। जानकारी के अनुसार, शिक्षिका गीता कुम्भकार (38) की 23 जुलाई को स्कूल में एक कान की सोने की बाली गुम हो गई थी। काफी तलाश के बावजूद बाली नहीं मिली।

बताया जा रहा है कि 31 जुलाई को शिक्षिका लाल कपड़े में नारियल, चावल और मौली का धागा लेकर स्कूल पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने बच्चों से गुम हुई बाली के बारे में पूछताछ की। आरोप है कि बच्चों से कहा गया कि यदि किसी को बाली के बारे में जानकारी है और वह नहीं बताएगा, तो उसे उल्टी-दस्त या अन्य बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।

इस घटना से बच्चे सहम गए और घर पहुंचकर पूरी बात अपने परिजनों को बताई। अगले दिन अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर विरोध जताया और मामले की शिकायत ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से की। जांच के दौरान इस घटना का वीडियो भी सामने आया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

ब्लॉक शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट और वायरल वीडियो के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा ने शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर बीईओ कार्यालय बलौदा से संबद्ध कर दिया गया है।

शिक्षा विभाग का कहना है कि स्कूलों में इस तरह की गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं है और बच्चों के मानसिक व शैक्षणिक वातावरण से समझौता करने वाले मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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