चोरी की सूचना देने से नाराज युवकों ने किया जानलेवा हमला, 3 आरोपी गिरफ्तार; 1 नाबालिग भी पकड़ाया

By Atul Yadav - Editor
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कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज:  बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में चोरी की सूचना दुकान मालिक को देने से नाराज युवकों ने एक 23 वर्षीय युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने युवक को घेरकर पहले गाली-गलौज की और फिर हाथ-मुक्के व लात से जमकर मारपीट की। इसी दौरान एक नाबालिग ने हाथ में पहने कड़े से युवक के सिर पर कई वार कर दिए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग को भी विधि के अनुसार हिरासत में लिया गया है।

चोरी का सामान ले जाते देखा था, दुकान मालिक को दी थी जानकारी

पुलिस के अनुसार चाकाबुड़ा छिछमेपारा निवासी अजय सिदार (23) ने 10 सितंबर को बांकीमोंगरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 9 सितंबर की सुबह करीब 4 बजे उसने सल्हियापारा स्थित एक दुकान के पुराने मकान से कान्हा अगरिया, बिज्जू और सोनू अगरिया को सामान ले जाते देखा था। अजय ने इसकी जानकारी दुकान मालिक को दे दी थी। पुलिस के मुताबिक, इसी बात को लेकर आरोपी अजय से नाराज थे।

तालाब के पास घेरकर की मारपीट

9 सितंबर की रात करीब 9 बजे अजय तालाब के पास था। इसी दौरान कान्हा अगरिया, बिज्जू, सोनू अगरिया और एक नाबालिग ने उसे घेर लिया। दुकान मालिक को चोरी की जानकारी देने की बात को लेकर आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।

इसके बाद आरोपियों ने अजय के साथ हाथ-मुक्के और लात से मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान उसका गला भी दबाया गया। वहीं, नाबालिग ने हाथ में पहने कड़े से अजय के सिर पर वार कर दिया। हमले में उसके सिर में गंभीर चोट आई।

तीन आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग पर भी कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए बांकीमोंगरा पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। विवेचना के दौरान आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने कन्हैयालाल अगरिया उर्फ कान्हा (19), विजय कुमार अगरिया उर्फ बिज्जू (20) और राहुल सिंह अगरिया उर्फ सोनू (20) को हिरासत में लिया। एक विधि से संघर्षरत बालक के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की गई।

पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 176/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 115(2), 351(3), 3(5) और 109(1) में कार्रवाई की है।

पुलिस के अनुसार पूछताछ और विवेचना के दौरान आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद सभी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया, जबकि नाबालिग के मामले में किशोर न्याय अधिनियम के तहत प्रक्रिया अपनाई गई है।

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